Vani Commercials ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹0.26 करोड़** से बढ़कर **₹0.36 करोड़** पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी अब Fintech और डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में बड़ा विस्तार कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। FY26 के दौरान कंपनी की टोटल इनकम बढ़कर ₹5.76 करोड़ हो गई है, जबकि खर्च का आंकड़ा ₹5.11 करोड़ रहा। कंपनी का बेसिक EPS 0.12 पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि, नए बिजनेस में फंड लगाने के चलते इस बार कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया गया है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी और अधिग्रहण
Vani Commercials अब एक RBI-रजिस्टर्ड नॉन-डिपॉजिट एक्सेप्टिंग NBFC (बेस लेयर) के रूप में काम कर रही है। कंपनी ने अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए The Scale Estates Limited और GTB Projects Private Limited में 51% हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। कंपनी अब डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने पर जोर दे रही है।
ऑपरेशंस को मजबूती
अपने विस्तार के लिए कंपनी ने 1.76 करोड़ से ज्यादा नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं और अपने डायरेक्टर्स से ₹2.69 करोड़ का लोन जुटाया है। यह कदम दिखाता है कि कंपनी डिजिटल फाइनेंस मार्केट में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाना चाहती है।
चुनौतियां और भविष्य
SEBI (LODR) अनुपालन के चलते कंपनी को पहले कुछ पेनाल्टी झेलनी पड़ी थी, जिसे अब BSE से राहत और भुगतान के जरिए सुलझा लिया गया है। निवेशकों के लिए कंपनी की AGM 30 सितंबर 2026 को तय की गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी नई सब्सिडियरीज को अपने बिजनेस मॉडल में कैसे इंटीग्रेट करती है।
