VJTF Eduservices के लिए FY26 का सफर काफी मुश्किल भरा रहा है। कंपनी मुनाफा कमाने के बाद अब **₹82.49 लाख** के घाटे में आ गई है। इसके अलावा, NBFC स्टेटस और कंप्लायंस नियमों के पालन को लेकर कंपनी मुश्किलों में घिरी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
VJTF Eduservices के हालिया नतीजे काफी निराशाजनक रहे हैं। कंपनी ने पिछले साल ₹667.56 लाख का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया था, लेकिन इस बार कंपनी को ₹82.49 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ है। रेवेन्यू ऑपरेशंस की बात करें तो यह पिछले साल के ₹1,427.98 लाख से गिरकर इस बार मात्र ₹295.03 लाख रह गया है।
गवर्नेंस पर मंडराया संकट
वित्तीय गिरावट के साथ-साथ कंपनी सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में भी कई खामियां सामने आई हैं। सबसे बड़ी चुनौती कंपनी के 'NBFC' (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) स्टेटस को लेकर है। कंपनी फाइनेंशियल एसेट का 50% वाला अनिवार्य थ्रेशोल्ड पूरा करने में नाकाम रही है। इसके साथ ही SEBI (PIT) रेगुलेशंस के तहत 'स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस' को सही तरीके से मेंटेन न करने और जरूरी रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं।
अब आगे क्या?
बोर्ड ने इन खामियों को स्वीकार किया है और गवर्नेंस को मजबूत करने का वादा किया है। इसके लिए कंपनी ने कंप्लायंस के लिए नया मॉनिटरिंग टूल पेश किया है। साथ ही, ऑडिट के लिए M/s. R A N K & Associates LLP और सेक्रेटेरियल ऑडिट के लिए M/s. JK & Associates को नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी के सामने अभी रेगुलेटरी अनिश्चितता बनी हुई है। यदि कंपनी जल्द अपना NBFC स्टेटस और जरूरी एसेट थ्रेशोल्ड बहाल नहीं कर पाती है, तो मार्केट रेगुलेटर्स का दबाव बढ़ सकता है। स्कूल बिजनेस से निकलने के बाद कंपनी के लिए आय के नए स्रोत खोजना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
