Utkarsh Small Finance Bank ने अनसेक्योर्ड, सबऑर्डिनेटेड लोअर टियर II नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी कर **₹300 करोड़** जुटाने की मंजूरी दे दी है। इसमें **₹200 करोड़** का बेस इश्यू और **₹100 करोड़** का ग्रीन शू ऑप्शन शामिल है, जिस पर **11.75%** तक का सालाना ब्याज मिलेगा।
बॉन्ड की शर्तें और डिटेल्स
बैंक की 'कैपिटल स्ट्रक्चरिंग एंड फंड रेज कमिटी' ने इस इश्यू को हरी झंडी दे दी है। इन डिबेंचर्स की फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति यूनिट रखी गई है, जिनका टेन्योर 7 साल का होगा। बैंक इन्हें BSE के होलसेल डेट मार्केट सेगमेंट में लिस्ट कराएगा।
क्यों जुटाया जा रहा है पैसा?
यह कदम बैंक के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। टियर II बॉन्ड जारी करने से बैंक की लंबी अवधि की क्रेडिट ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा और वह रेगुलेटरी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएगा। यह फंड बैंक के लिक्विडिटी और ग्रोथ कैपिटल पूल का हिस्सा बनेगा।
पुरानी योजना का हिस्सा
बता दें कि बोर्ड ने पहले ही 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹500 करोड़ तक के टियर II बॉन्ड जुटाने की मंजूरी दी थी। उसी रणनीति के तहत आज यह ₹300 करोड़ का ट्रांच जारी किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे क्या?
निवेशकों को अब फाइनल इंटरेस्ट रेट और अलॉटमेंट प्रोसेस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर असर डाल सकती हैं। इसके अलावा, होलसेल मार्केट की लिक्विडिटी के हिसाब से ग्रीन शू ऑप्शन की सफलता तय होगी। भविष्य में यह फंड लोन बुक को कितना बढ़ाता है, इस पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
