Utkarsh Small Finance Bank ने एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। बैंक ने **₹726.82 करोड़** के स्ट्रेस्ड एसेट्स (फंसे हुए लोन) को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) को **₹149.55 करोड़** में बेच दिया है।
Utkarsh SFB की बैलेंस शीट क्लीन
Utkarsh Small Finance Bank ने ₹726.82 करोड़ की कुल देनदारी वाले स्ट्रेस्ड एसेट्स का सौदा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARCs) के साथ ₹149.55 करोड़ में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
क्या हुआ?
बैंक ने तीन अलग-अलग लोन पोर्टफोलियो बेचे हैं, जिनमें अनसिक्योर्ड माइक्रोफाइनेंस (MFI) लोन और कमर्शियल व्हीकल व कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के अगेंस्ट सिक्योर लोन शामिल थे। कुल ₹726.82 करोड़ की प्रिंसिपल आउटस्टैंडिंग थी, जिसके बदले बैंक को ₹149.55 करोड़ मिले हैं।
क्यों है ये अहम?
इस कदम से Utkarsh SFB के एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स में सुधार आएगा, क्योंकि बैंक नॉन-परफॉर्मिंग और राइट-ऑफ हो चुके खातों को कम करेगा। इससे बैंक को इन एसेट्स पर हुए नुकसान को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी और वह अपने क्लीन पोर्टफोलियो पर ध्यान केंद्रित कर पाएगा।
डील की कहानी
इस ट्रांजेक्शन को मैनेजमेंट कमेटी ने 26 जून, 2026 को मंजूरी दी थी। कीमत की सही खोज के लिए इसे स्विस चैलेंज मेथड (Swiss Challenge Method) से पूरा किया गया, ताकि फंसे हुए पोर्टफोलियो के लिए सबसे बेहतर दाम मिल सके।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को आगामी नतीजों पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) और नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो पर इसका क्या असर पड़ा है। साथ ही, भविष्य में होने वाले स्लिपेज (slippages) पर भी नजर रखनी होगी, जो एसेट क्वालिटी के स्वास्थ्य का संकेत देंगे।
