Upsurge Investment & Finance का प्रदर्शन FY26 में सुस्त रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹15.95 करोड़** से घटकर **₹3.23 करोड़** पर आ गया है, जिसे मैनेजमेंट ने पिछले साल के हाई-बेस का असर बताया है।
नतीजों का विश्लेषण
कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) में भारी कमी आई है, जो पिछले साल के ₹15.95 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹3.23 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी गिरकर ₹53.55 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹113.17 करोड़ था। नतीजतन, कंपनी का बेसिक EPS गिरकर ₹1.47 पर आ गया है।
क्यों घटे नतीजे?
मैनेजमेंट के अनुसार, FY25 का साल कंपनी के लिए एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग ईयर था, इसलिए इस बार के नतीजों में 'हाई-बेस' (High-Base) का प्रभाव साफ दिख रहा है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो बेहद कम 0.04x है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट अपडेट्स और डिविडेंड
कंपनी ने 18.5 लाख वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट किया है, जिससे पेड-अप कैपिटल बढ़कर ₹21.92 करोड़ हो गई है। इसके साथ ही, 14.5 लाख वारंट्स लैप्स (Lapse) भी हुए हैं।
निवेशकों के भरोसे को बनाए रखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने ₹0.50 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है। प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 54.56% पर स्थिर है और अच्छी बात यह है कि कंपनी का एक भी शेयर गिरवी (Pledge) नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट में M/s Jain & Trivedi ने कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं की है, जिससे कामकाज में पारदर्शिता बनी हुई है।
