United Breweries: टैक्स विवाद में बड़ी जीत, कंपनी पर से टला **₹21.92 करोड़** का बोझ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
United Breweries: टैक्स विवाद में बड़ी जीत, कंपनी पर से टला **₹21.92 करोड़** का बोझ

United Breweries Limited (UBL) के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कंपनी पर लगे **₹21.92 करोड़** के टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है।

हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कमिश्नर ऑफ सेंट्रल जीएसटी और सर्विस टैक्स की अपील को खारिज कर दिया है। यह मामला सितंबर 2009 से नवंबर 2011 के बीच की कॉन्ट्रैक्ट ब्रूइंग एक्टिविटीज से जुड़ा था। कोर्ट के इस फैसले के बाद कंपनी पर बकाया टैक्स डिमांड अब घटकर शून्य (Nil) हो गई है।

क्यों था यह विवाद?

यह मामला Millennium Beer Industries Limited (MBIL) से संबंधित था, जिसका विलय 2010 में UBL के साथ हो गया था। रेवेन्यू डिपार्टमेंट का तर्क था कि ये गतिविधियां 'बिजनेस ऑक्जिलरी सर्विस' के दायरे में आती हैं और इन पर टैक्स बनता है। हालांकि, हाई कोर्ट ने CESTAT के पिछले आदेश को बरकरार रखते हुए इसे लिमिटेशन पीरियड का हवाला देकर खारिज कर दिया।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

इस कानूनी जीत के साथ ही कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट से एक बड़ी 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' को खत्म कर दिया है। लंबे समय से चल रही कानूनी अनिश्चितता दूर होने से कंपनी के फाइनेंशियल्स में अब ज्यादा स्पष्टता आएगी। भविष्य में अगर कंपनी ने इस मामले के लिए पहले कोई प्रोविजन बनाया था, तो उसकी रिकवरी की उम्मीद भी की जा सकती है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.