Union Bank of India ने ₹8,000 करोड़ तक की पूंजी जुटाने का प्रस्ताव दिया है। बैंक ने ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड की भी सिफारिश की है। एजीएम में नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति भी होगी।
Union Bank of India (UBI) शेयरधारकों की मंजूरी से ₹8,000 करोड़ तक की पूंजी जुटाने की तैयारी में है। बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
क्यों हो रही है ₹8,000 करोड़ की फंड जुटाने की तैयारी?
बैंक इस पूंजी का इस्तेमाल अपने बिजनेस को बढ़ाने, रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने और सामान्य ऋण गतिविधियों को समर्थन देने के लिए करेगा। यह ताजा इक्विटी शेयरों और/या बेसल III के तहत एडिशनल टियर-1/टियर-2 कैपिटल के जरिए किया जा सकता है।
डिविडेंड और मैनेजमेंट में बदलाव
शेयरधारकों को ₹5 प्रति शेयर के डिविडेंड का लाभ मिलेगा, जो कि आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मंजूरी के अधीन है। इस एजीएम में कंपनी के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर श्री अशीष पांडे की नियुक्ति पर भी वोटिंग होगी। इसके अलावा, मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की पुनर्नियुक्ति और एक सरकारी नॉमिनी डायरेक्टर की नियुक्ति पर भी फैसला लिया जाएगा।
बैंक की वित्तीय स्थिति
31 मार्च, 2026 तक, Union Bank of India का अधिकृत पूंजी ₹10,000 करोड़ था, जबकि भुगतान की गई इक्विटी शेयर पूंजी ₹7,633.60 करोड़ थी। भारत सरकार की इसमें 74.76% हिस्सेदारी है। बैंक ने बेसल III के तहत मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) बनाए रखा है, जो 31 मार्च, 2026 और 31 मार्च, 2025 को 18.02% था।
आगे क्या?
शेयरधारकों को 10 जुलाई, 2026 को होने वाली एजीएम के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, खासकर पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर। साथ ही, बैंक द्वारा जुटाई गई धनराशि के रणनीतिक उपयोग और पूंजी पर्याप्तता के मानदंडों के अनुपालन पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। डिविडेंड आय पर टैक्स संबंधी नियमों का भी ध्यान रखना होगा, खासकर ₹10,000 से अधिक की राशि पर।
