Union Bank of India ने अपनी DIFC ब्रांच के जरिए इंटरनेशनल मार्केट से **$60 करोड़** जुटाए हैं। बैंक ने यह फंड सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स (Senior Unsecured Notes) के जरिए हासिल किया है, जिन्हें NSE IFSC लिमिटेड पर लिस्ट किया गया है।
विदेशी बाजार में बैंक का बड़ा दांव
Union Bank of India ने अपनी दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) ब्रांच के माध्यम से $60 करोड़ की राशि जुटाई है। इस पूरी प्रक्रिया को दो बराबर किस्तों (Dual-Tranche) में पूरा किया गया, जिसमें हर किस्त $30 करोड़ की है। इन नोट्स को गिफ्ट सिटी स्थित NSE IFSC लिमिटेड पर सूचीबद्ध किया गया है।
क्या हैं कूपन रेट और शर्तें?
बैंक ने अपनी लॉन्ग-टर्म विदेशी मुद्रा जरूरतों को पूरा करने के लिए आकर्षक कूपन रेट तय किए हैं:
- 2029 मैच्योरिटी वाले नोट्स पर 5.230% का कूपन रेट है।
- 2031 मैच्योरिटी वाले नोट्स पर 5.417% का कूपन रेट तय किया गया है।
इन बॉन्ड्स पर ब्याज का भुगतान अर्ध-वार्षिक (Semi-annual) आधार पर किया जाएगा, जिसकी पहली तारीख 28 फरवरी 2027 तय की गई है।
निवेशकों का मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
इस इश्यू में वैश्विक निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई है। पहली किस्त के लिए 98 और दूसरी किस्त के लिए 119 अलॉटी (Allottees) शामिल हुए हैं, जो भारतीय बैंकिंग सेक्टर के प्रति ग्लोबल मार्केट के भरोसे को दर्शाता है। यह कदम बैंक की फॉरेन करेंसी कैपिटल बेस को और अधिक मजबूत बनाने में मदद करेगा।
