S&P Global Ratings ने सरकारी समर्थन के दम पर Union Bank of India की रेटिंग को 'BBB/Stable/A-2' बरकरार रखा है। बैंक ने अपनी पूंजी को मजबूत करने के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 तक ₹3,000 करोड़ इक्विटी और ₹5,000 करोड़ कर्ज के जरिए जुटाने की योजना बनाई है।
रेटिंग पर भरोसा
S&P Global Ratings ने Union Bank of India की क्रेडिट रेटिंग को 'BBB/Stable/A-2' पर स्थिर रखा है। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि आने वाले 12 से 24 महीनों तक बैंक की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत बनी रहेगी, क्योंकि जरूरत पड़ने पर सरकार का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है।
बड़े फंड जुटाने की तैयारी
बैंक बोर्ड ने अपनी पूंजी आधार को बढ़ाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। फाइनेंशियल ईयर 2027 तक बैंक:
- ₹3,000 करोड़ इक्विटी शेयर के जरिए जुटाएगा।
- ₹5,000 करोड़ एडिशनल टियर-1 और टियर-2 डेट इंस्ट्रूमेंट्स से जुटाएगा।
इस कदम का लक्ष्य बैंक के Risk-Adjusted Capital (RAC) रेशियो को 8.7%-9.2% की रेंज में बनाए रखना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
बैंक की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए:
- ECL का असर: 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले Expected Credit Loss (ECL) फ्रेमवर्क के चलते बैंक को ₹5,400 करोड़ का प्रावधान (Provisions) अलग से करना होगा।
- मार्जिन दबाव: प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के मुकाबले कम CASA (Low-cost deposits) के कारण बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव रह सकता है।
- लोन रेशियो: अगले दो सालों में कमजोर लोन रेशियो (Weak loan ratios) 3.5%-3.7% तक बढ़ सकते हैं।
आगे बढ़ते हुए, बैंक का फोकस रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेगमेंट पर रहेगा, जहां लोन ग्रोथ 11% से 13% के बीच रहने का अनुमान है।
