Unifinz Capital India में महज 3 दिनों के भीतर दूसरी बार साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हैकर्स ने कंपनी के API-इंटीग्रेटेड सिस्टम का फायदा उठाकर **309** फर्जी ट्रांजैक्शन किए, जिससे कंपनी को **₹7.27 करोड़** का नुकसान हुआ है।
फिर से सेंधमारी का शिकार
कंपनी ने एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि यह घटना 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:01 से 2:45 के बीच हुई। हैकर्स ने कंपनी के ऑटोमेटेड API-इंटीग्रेटेड डिस्बर्सल इंजन (Disbursal Engine) को निशाना बनाया। सिस्टम में सेंध लगाकर ऑथराइजेशन प्रोटोकॉल को बायपास किया गया और कुल 309 अनधिकृत ट्रांजैक्शन अंजाम दिए गए। इनमें से प्रत्येक ट्रांजैक्शन की वैल्यू ₹99,989 से लेकर ₹2.50 लाख तक थी।
क्यों चिंता का विषय है?
यह घटना 21 अक्टूबर 2026 को हुई पहली साइबर चूक के ठीक 72 घंटे के भीतर हुई है। लगातार हो रही ये घटनाएं कंपनी के पेमेंट सिक्योरिटी आर्किटेक्चर में बड़ी खामियों की ओर इशारा करती हैं। हालांकि कंपनी का दावा है कि उनके मुख्य ऑपरेशंस फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन बैक-टू-बैक हुई यह घटना निवेशकों का भरोसा हिलाने के लिए काफी है।
कंपनी ने क्या कदम उठाए?
धोखाधड़ी का पता चलते ही Unifinz Capital ने बैंक पोर्टल से प्रभावित डिस्बर्सल API को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने साइबर क्राइम पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है ताकि फंड की रिकवरी की जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
आने वाले समय में कंपनी के IT इंफ्रास्ट्रक्चर के ओवरहाल पर सबकी नजरें होंगी। निवेशकों को रेगुलेटरी जांच और भविष्य में संभावित वित्तीय नुकसानों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। कंपनी कितनी जल्दी अपनी सिस्टम इंटीग्रिटी को मजबूत करती है, इसी पर शेयर का भविष्य निर्भर करेगा।
