CRISIL Ratings ने Unifinz Capital India के NCDs को 'BBB-/Stable' रेटिंग दी है। राहत की बात यह है कि कंपनी का लिक्विडिटी प्रोफाइल स्थिर है, लेकिन कंपनी ने **₹15 करोड़** की बड़ी साइबर धोखाधड़ी की जानकारी दी है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
रेटिंग और साइबर हमले का असर
CRISIL Ratings ने Unifinz Capital India Limited के ₹100 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को 'CRISIL BBB-/Stable' रेटिंग दी है। रेटिंग एजेंसी ने कंपनी की मौजूदा डेट फैसिलिटीज के लिए भी इसी रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, इस रेटिंग के बीच कंपनी ने बताया कि 21 और 23 अक्टूबर, 2026 को साइबर धोखाधड़ी की दो घटनाएं हुईं, जिसमें कंपनी के API-आधारित डिस्बर्सल अकाउंट से ₹15 करोड़ की अनधिकृत फंड ट्रांसफर की गई।
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति
30 जून, 2026 तक, Unifinz Capital का नेट वर्थ ₹189 करोड़ दर्ज किया गया था और गियरिंग रेश्यो 2.2 गुना है। कंपनी को अब तक ₹57 करोड़ का इक्विटी सपोर्ट मिला है और लगभग ₹99 करोड़ के वारंट जारी होने बाकी हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती एसेट क्वालिटी है। कंपनी के अनसिक्योर्ड लोन बुक में 90+ दिनों की ओवरड्यू (DPD) दर 27.1% पर है, जो चिंताजनक है। CRISIL ने स्पष्ट किया है कि रेटिंग में सुधार तभी संभव है जब कंपनी अपने स्केल को बढ़ाए और इस डेलिंक्वेंसी रेट को 4% से नीचे लाए। फिलहाल, निवेशकों को साइबर क्राइम की जांच और कंपनी के डिजिटल सुरक्षा मानकों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
