Unifinz Capital India Ltd ने ₹50 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने को मंजूरी दी है। इन 15 महीने की अवधि वाले इंस्ट्रूमेंट्स पर 11% का कूपन रेट मिलेगा और इसका भुगतान मासिक आधार पर किया जाएगा।
फंड जुटाने की योजना
Unifinz Capital India Ltd की एसेट लायबिलिटी मैनेजमेंट कमेटी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए 50,000 सीनियर, सिक्योर, लिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दी है। इस इश्यू का कुल आकार ₹50 करोड़ है, जिसमें ₹30 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी 11% प्रति वर्ष की दर से ब्याज (Coupon Rate) देगी, जिसका भुगतान हर महीने किया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए करेगी। ये NCDs 15 महीने की अवधि के हैं और 8 जनवरी 2028 को मैच्योर होंगे। इन डिबेंचर्स को BSE के होलसेल डेट मार्केट सेगमेंट में लिस्ट कराया जाएगा।
सुरक्षा और जोखिम (Security & Risks)
निवेशकों की सुरक्षा के लिए, इन NCDs को कंपनी के बुक डेट्स और लोन रिसीवेबल्स पर एक्सक्लूसिव चार्ज के जरिए सुरक्षित किया गया है। कंपनी को पूरे टेन्योर के दौरान कम से कम 1.10 गुना का सिक्योरिटी कवर बनाए रखना होगा। अगर भुगतान में कोई चूक (Default) होती है, तो ब्याज दर में 4% की अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रावधान रखा गया है।
क्या है सावधानी?
विशेषज्ञों का मानना है कि 11% का कूपन रेट कंपनी की फंड लागत को बढ़ाता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी इस फंड को निवेश करने के बाद उस लागत से अधिक रिटर्न जेनरेट कर पाती है या नहीं। कंपनी का एसेट क्वालिटी ट्रैक रिकॉर्ड आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग पॉइंट रहेगा।
