Uma Exports लिमिटेड के बोर्ड ने **₹543.6 करोड़** के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए वॉरंट जारी करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कंपनी अपनी अधिकृत शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को बढ़ाने का भी प्लान बना रही है, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी होगी।
Uma Exports ने क्यों लिया ये फैसला?
Uma Exports लिमिटेड ने 2.25 करोड़ वॉरंट जारी करने की घोषणा की है, जिनकी कुल कीमत ₹543.6 करोड़ है। हर वॉरंट पर कंपनी ₹24.16 प्रति शेयर के भाव पर एक इक्विटी शेयर जारी करेगी। ये वॉरंट अलॉटमेंट के 18 महीने के भीतर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वॉरंट की कुल कीमत का 25% अलॉटमेंट के समय देना होगा, जबकि बाकी 75% वॉरंट का इस्तेमाल करते समय। ये वॉरंट प्रमोटर ग्रुप और पब्लिक कैटेगरी दोनों के निवेशकों को ऑफर किए जाएंगे।
शेयर कैपिटल में भी होगा इजाफा
इतना ही नहीं, कंपनी अपने अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹40 करोड़ से बढ़ाकर ₹57 करोड़ करने का प्रस्ताव भी लाई है। हालांकि, इस बड़े फैसले के लिए कंपनी को शेयरहोल्डर्स से हरी झंडी लेनी होगी।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह प्रेफरेंशियल इश्यू और शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी Uma Exports के लिए एक बड़ा कदम है। इससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार या अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए कर सकती है। लेकिन, वॉरंट जारी होने का मतलब है कि भविष्य में कंपनी के शेयरों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का खतरा बढ़ जाता है। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी इस प्रक्रिया में अहम साबित होगी।
आगे क्या?
कंपनी अब शेयरहोल्डर्स से 18 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इन प्रस्तावों पर वोटिंग कराएगी। निवेशकों की नजरें एजीएम के नतीजों पर टिकी रहेंगी।
