Ujjivan Small Finance Bank ने अपने प्रस्तावित 'Ujjivan Restricted Stock Units Plan – 2026' को लेकर प्रॉक्सी फर्मों की चिंताओं के बाद स्पष्टीकरण जारी किया है। इस प्लान के तहत मिलने वाले यूनिट्स का वेस्टिंग (Vesting) तय राजस्व और मुनाफे के लक्ष्यों को पूरा करने और कर्मचारी के प्रदर्शन रेटिंग पर निर्भर करेगा।
Ujjivan Small Finance Bank ने RSU प्लान पर दी अहम जानकारी
Ujjivan Small Finance Bank, अपने शेयरधारकों को विश्वास दिलाने के लिए, 'पे-फॉर-परफॉर्मेंस' (Pay-for-Performance) के अपने वादे पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में, बैंक ने 'Ujjivan Restricted Stock Units Plan – 2026' को लेकर प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म IiAS (Institutional Investor Advisory Services) द्वारा उठाए गए सवालों पर विस्तृत जवाब दिए हैं।
क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
यह स्पष्टीकरण निवेशकों के लिए बेहद अहम है क्योंकि इससे पता चलता है कि बैंक का मैनेजमेंट किन सख्त शर्तों के तहत Restricted Stock Units (RSUs) हासिल करेगा। इस स्कीम के तहत अधिकतम 20.0 मिलियन यूनिट्स बांटे जा सकते हैं, जिससे बैंक की पूंजी में करीब 1.0% का डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है।
क्या हैं वेस्टिंग की शर्तें?
बैंक ने साफ किया है कि RSU का वेस्टिंग तभी होगा जब दो मुख्य शर्तें पूरी होंगी:
- वित्तीय लक्ष्य: कंपनी को बजट में तय किए गए राजस्व (Revenue) और मुनाफे (Profit) का कम से कम 105% हासिल करना होगा।
- कर्मचारी प्रदर्शन: कर्मचारी की व्यक्तिगत प्रदर्शन रेटिंग 'Meets Expectations' (ME) या उससे बेहतर होनी चाहिए।
आगे क्या?
निवेशकों को अब बैंक की भविष्य की वार्षिक रिपोर्टों (Annual Reports) पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बैंक लगातार इन कड़े वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करता है और क्या घोषित प्रदर्शन RSU वेस्टिंग के नतीजों के अनुरूप है।
