Ujjivan Small Finance Bank के लिए FY26 नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट **4.6%** घटकर **₹693 करोड़** रहा, जबकि Advances और Deposits में जबरदस्त उछाल देखा गया। बैंक अब माइक्रोफाइनेंस (MFI) से हटकर सिक्योरड प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रहा है।
Ujjivan Small Finance Bank के FY26 के नतीजे
नेट प्रॉफिट: ₹693 करोड़
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): ₹3,871 करोड़
क्या हुआ?
Ujjivan Small Finance Bank ने FY26 के लिए ₹693 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो FY25 के ₹726 करोड़ की तुलना में 4.6% कम है। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 6.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,871 करोड़ पर पहुंच गया। Pre-Provision Operating Profit (PPOP) में भी 1.3% की मामूली वृद्धि देखी गई, जो ₹1,710 करोड़ रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
बैंक एक बड़े स्ट्रेटेजिक बदलाव से गुजर रहा है। अब वह माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) पर आधारित लेंडिंग से हटकर ज्यादा से ज्यादा सिक्योरड लोंस (Secured Loans) की तरफ बढ़ रहा है। इसका मकसद एसेट बेस को और डाइवर्सिफाई करना है। प्रॉफिट में गिरावट के बावजूद, कुल एडवांसेज़ (Advances) में 26.6% का जोरदार उछाल आया और यह ₹40,656 करोड़ तक पहुंच गया। इसी तरह, कुल डिपॉजिट्स (Deposits) में 21.4% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹45,668 करोड़ रहे।
बैकस्टोरी
FY26 में, Ujjivan SFB का सिक्योरड लेंडिंग बुक कुल एडवांसेज़ का 49.4% हो गया, जो MFI पर भारी निर्भरता वाले पुराने मॉडल से एक बड़ा बदलाव दिखाता है। इस ट्रांजिशन से बैंक के एसेट मिक्स में अधिक स्थिरता और विविधता आने की उम्मीद है। बैंक की CASA डिपॉजिट्स में भी 35.8% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹13,063 करोड़ हो गई। इससे CASA रेश्यो सुधरकर 28.6% हो गया।
अब क्या बदलेगा?
बैंक का यह स्ट्रेटेजिक कदम लंबी अवधि की स्थिरता के लिए उठाया गया है। मैनेजमेंट का फोकस MFI पोर्टफोलियो को सामान्य करने पर है, जो अभी भी कुल एडवांसेज़ का लगभग 51% है, और साथ ही सिक्योरड लेंडिंग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना है। बैंक FY27 के दूसरी छमाही में ₹2,000 करोड़ की कैपिटल रेज़ (Capital Raise) करने की भी योजना बना रहा है।
जोखिम
MFI पोर्टफोलियो की संवेदनशीलता एक प्रमुख जोखिम बनी हुई है, जो अभी भी कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) पैदा करता है। इसके अलावा, जैसे-जैसे एसेट मिक्स सिक्योरड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ेगा, मार्जिन में थोड़ी कमी आ सकती है, क्योंकि इन लोंस पर आमतौर पर MFI लोंस की तुलना में कम यील्ड (Yield) मिलती है।
आगे क्या देखें?
निवेशक MFI पोर्टफोलियो के सामान्यीकरण की प्रगति, बढ़ते सिक्योरड लोन बुक में क्रेडिट क्वालिटी बनाए रखने की बैंक की क्षमता और FY27 की दूसरी छमाही में नियोजित कैपिटल रेज़ के सफल क्रियान्वयन पर बारीकी से नजर रखेंगे। बैंक का यूनिवर्सल बैंक मॉडल की ओर बढ़ना भविष्य में री-रेटिंग (Re-rating) का एक उत्प्रेरक बन सकता है।
