Ujjivan Small Finance Bank (SFB) ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे पेश कर दिए हैं। हालांकि, बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले **5%** घटकर **₹693 करोड़** रहा, लेकिन इसकी कुल आय **12%** बढ़कर **₹8,039 करोड़** तक पहुंच गई। सबसे खास बात यह है कि बैंक की कुल डिपॉजिट्स में **21.4%** का शानदार उछाल देखने को मिला है।
क्यों हुआ मुनाफे में गिरावट?
Ujjivan SFB के नतीजे बताते हैं कि भले ही बैंक का नेट प्रॉफिट थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन इसके पीछे माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में बढ़े हुए क्रेडिट कॉस्ट्स (Credit Costs) और प्रोविजनिंग (Provisioning) का हाथ है। पिछले वित्त वर्ष में बैंक का नेट प्रॉफिट ₹726 करोड़ था, जो इस साल ₹693 करोड़ पर आ गया है।
डिपॉजिट्स में बंपर ग्रोथ और लोन बुक का डायवर्सिफिकेशन
मुनाफे में कमी के बावजूद, बैंक ने अपनी कुल आय में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹8,039 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, सबसे अहम बात यह है कि बैंक की कुल डिपॉजिट्स 21.4% बढ़कर ₹45,668 करोड़ हो गई हैं। बैंक मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी के तहत, लोन बुक का डायवर्सिफिकेशन (Diversification) भी बढ़ा है, जिसमें अब सुरक्षित लेंडिंग सेगमेंट (Secured Lending Segment) का हिस्सा लगभग आधा हो गया है। इसमें व्हीकल फाइनेंस, गोल्ड लोन और MSME लोन जैसे सेगमेंट शामिल हैं, जो बैंक के लिए कमाई का एक नया और मजबूत जरिया बन रहे हैं।
आगे क्या देखना है?
Ujjivan SFB के लिए अब आगे माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट में स्थिरता बनाए रखना और सुरक्षित लेंडिंग कैटेगरी में ग्रोथ जारी रखना महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों की नजरें एसेट क्वालिटी (Asset Quality) पर भी रहेंगी, खासकर माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो की। बैंक का CASA रेशियो बढ़कर 28.6% हो गया है, जो इसकी फंडिंग प्रोफाइल को और मजबूत करता है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 21.14% पर है, जो रेगुलेटरी जरूरतों से काफी ऊपर है।
अहम आंकड़ें:
- कुल बैलेंस शीट: ₹57,541 करोड़
- ग्रॉस लोन बुक: ₹40,655 करोड़
- नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): 8.1%
- ग्रॉस एनपीए (Gross NPA): 2.3%
- नेट एनपीए (Net NPA): 0.4%
