UTI Asset Management Company (UTI AMC) ने H1 FY27 के लिए संशोधित इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन जारी किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड कोर प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर **15%** बढ़कर **₹263 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि EPFO मैंडेट में बदलाव के चलते ग्रुप AUM में **27%** की गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे में मजबूती, लेकिन AUM का दबाव
UTI AMC ने अपने हालिया नतीजों में दिखाया है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है। कंपनी का कुल इनकम 2% की मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹985 करोड़ रहा, जबकि कोर EBITDA 14% बढ़कर ₹367 करोड़ पर पहुंच गया है।
क्यों घटी AUM?
इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ग्रुप AUM में आई 27% की भारी गिरावट है, जो घटकर ₹16,28,189 करोड़ रह गई है। कंपनी ने साफ किया है कि यह गिरावट मुख्य रूप से EPFO द्वारा फरवरी 2026 में फिक्स्ड इनकम मैंडेट को दो मैनेजरों से बढ़ाकर चार मैनेजरों में बांटने के कारण हुई है।
म्यूचुअल फंड कारोबार की स्थिति
ग्रुप AUM के दबाव के बावजूद, UTI MF का QAAUM (क्वार्टरली एवरेज एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) सालाना आधार पर 6.32% बढ़कर ₹4,02,337 करोड़ हो गया है। कंपनी का डिजिटल की ओर झुकाव भी बढ़ रहा है, जिसमें Q2 FY27 के दौरान इक्विटी और हाइब्रिड ग्रॉस सेल्स का 44.20% हिस्सा डिजिटल चैनलों से आया है। वर्तमान में कंपनी के पास 256 फाइनेंशियल सेंटर्स और 1,00,000 से ज्यादा म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स का बड़ा नेटवर्क है।
आगे क्या?
भविष्य में कंपनी की फीस इनकम पर नजर रखना जरूरी होगा। हालांकि EPFO से जुड़ी चुनौती एक स्ट्रक्चरल इवेंट है, लेकिन कंपनी अपनी ग्रोथ के लिए अब AIF (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड) और इंटरनेशनल एक्सपेंशन पर अपना पूरा जोर लगा रही है, जो आने वाले समय में रेवेन्यू के नए रास्ते खोल सकते हैं।
