UCO Bank का दमदार प्रदर्शन: मुनाफा **27%** उछला, NPA में भारी कमी, लेकिन बोर्ड गवर्नेंस पर सवाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UCO Bank का दमदार प्रदर्शन: मुनाफा **27%** उछला, NPA में भारी कमी, लेकिन बोर्ड गवर्नेंस पर सवाल

UCO Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **26.8%** बढ़कर **₹785.64 करोड़** रहा है। हालांकि, ऑडिट कमेटी के लिए स्वतंत्र निदेशकों की कमी के कारण गवर्नेंस संबंधी जोखिम भी सामने आया है।

मुनाफे में शानदार उछाल

सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में UCO Bank ने अपनी आय में मजबूत बढ़त दर्ज की है। बैंक की कुल आय बढ़कर ₹8,174.07 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹7,421.40 करोड़ थी। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹1,872.36 करोड़ पर पहुंच गया है।

एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार

बैंक की बैलेंस शीट में सुधार साफ नजर आ रहा है। ग्रॉस NPA अनुपात 2.56% से सुधरकर 1.96% हो गया है, जबकि नेट NPA अनुपात घटकर 0.18% रह गया है। बैंक का प्रोविजनिंग कवरेज रेश्यो (PCR) 98.36% पर बना हुआ है, जो रिस्क मैनेजमेंट के लिहाज से काफी सकारात्मक है।

गवर्नेंस की चुनौती

नतीजों के साथ बैंक ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। बैंक में फिलहाल स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की संख्या इतनी नहीं है कि एक पूरी 'ऑडिट कमेटी' का गठन किया जा सके। इस वजह से बैंक के नतीजों को बोर्ड द्वारा सीधे तौर पर मंजूरी दी गई है।

बैंक की रणनीति

बैंक ने चालू फाइनेंशियल ईयर से सेक्शन 115BAA के तहत नई टैक्स व्यवस्था अपनाई है। साथ ही, RBI के निर्देशानुसार 'इन्वेस्टमेंट फ्लक्चुएशन रिजर्व' (IFR) को बंद कर दिया गया है और ₹552.24 करोड़ की राशि को जनरल रिजर्व में ट्रांसफर कर दिया गया है। निवेशकों को सलाह है कि वे बैंक द्वारा नए निदेशकों की नियुक्ति और लोन पोर्टफोलियो पर नजर बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.