UCO Bank Q1 FY27: ₹656 करोड़ का नेट प्रॉफिट, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 79.8% की छलांग!

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AuthorAditya Rao|Published at:
UCO Bank Q1 FY27: ₹656 करोड़ का नेट प्रॉफिट, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 79.8% की छलांग!

UCO Bank ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) 79.8% बढ़कर ₹2,810 करोड़ हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) 8% बढ़कर ₹656 करोड़ रहा। हालांकि, एक बार के ₹1,237 करोड़ के टैक्स चार्ज ने नेट प्रॉफिट पर असर डाला। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) भी सुधरी है, ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 2.08% पर आ गया है।

UCO Bank के Q1 FY27 के नतीजे

UCO Bank ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। बैंक का कुल बिजनेस 15.53% बढ़कर ₹6,05,000 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 79.8% की जोरदार उछाल देखने को मिली और यह ₹2,810 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट 8% बढ़कर ₹656 करोड़ दर्ज किया गया। बैंक के ग्लोबल एडवांसेज (Global Advances) में 21.18% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,72,768 करोड़ पर पहुंच गए, जबकि डिपॉजिट्स (Deposits) 11.28% बढ़कर ₹3,32,315 करोड़ हो गए।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट में क्यों आई इतनी तेज़ी?

ऑपरेटिंग प्रॉफिट में यह बड़ी बढ़ोतरी बैंक के कोर बिजनेस के मजबूत प्रदर्शन और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाती है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में मामूली 8% की बढ़ोतरी दिखी, इसका एक मुख्य कारण एक बार का ₹1,237 करोड़ का डेफर्ड टैक्स एसेट (DTA) चार्ज है, जो नए टैक्स रिजीम में बदलाव के कारण लगा। यह एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है और इससे बैंक के ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ता।

एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 2.08% पर आ गया है, जबकि नेट एनपीए (Net NPA) 0.25% है। प्रोविजन कवरेज रेशियो (Provision Coverage Ratio) 97.85% पर बना हुआ है, जो बैंक की मजबूत बैलेंस शीट का संकेत देता है।

भविष्य की रणनीति और जोखिम

बैंक का लक्ष्य इस वित्त वर्ष के लिए क्रेडिट ग्रोथ 12-14% के बीच बनाए रखना है। बैंक कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) को लगभग 50% और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को 2.8% से 2.9% के बीच रखने की कोशिश करेगा। निवेशकों को भविष्य में नेट इंटरेस्ट मार्जिन में उतार-चढ़ाव, रिकवरी इनकम के सामान्य होने और क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस को बनाए रखने की बैंक की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.