U. Y. Fincorp Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **45.6%** बढ़कर **₹161.64 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹48.28 करोड़** पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी अब इक्विपमेंट फाइनेंसिंग और डिजिटल पर्सनल लोन के क्षेत्र में कदम रख रही है और विस्तार के लिए **₹50 करोड़** तक के QIP की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ग्रोथ
U. Y. Fincorp के नतीजों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स पिछले साल के ₹16.94 करोड़ के मुकाबले उछलकर ₹66.64 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की कुल संपत्ति (Total Assets) भी ₹344.84 करोड़ से बढ़कर ₹423.43 करोड़ हो गई है, जो कंपनी के बढ़ते कामकाज को दर्शाती है।
नई रणनीति: 'GrowU.money' और 'FUNDOBABA'
कंपनी अपने ट्रेडिशनल कॉर्पोरेट लोन पोर्टफोलियो से आगे बढ़कर अब डायवर्सिफाइड लेंडिंग मॉडल की ओर शिफ्ट हो रही है। 'GrowU.money' ब्रांड के जरिए इक्विपमेंट फाइनेंसिंग और 'FUNDOBABA' के साथ फिनटेक पार्टनरशिप कंपनी के नए ग्रोथ इंजन हो सकते हैं। इसके जरिए कंपनी पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
गवर्नेंस और मैनेजमेंट में बदलाव
बोर्ड ने री-अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें दिनेश बर्मन (Dinesh Burman) को मई 2027 से 3 साल के लिए होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, ऑडिटिंग के लिए M/s. Pradeep K Shrivastava & Co. को नई जिम्मेदारी दी गई है।
निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता
NBFC सेक्टर में होने के कारण, कंपनी पर ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी का असर पड़ सकता है। साथ ही, डिजिटल लेंडिंग के मैदान में बैंकों और फिनटेक कंपनियों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा एक बड़ा चैलेंज है। भविष्य में निवेशकों को QIP के टाइमलाइन और प्राइसिंग पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही कंपनी के रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शंस की पारदर्शिता को भी मॉनिटर करना जरूरी है।
