Triumph International Finance India Ltd. ने अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को बुलाने का फैसला किया है। कंपनी ने **₹390.90 लाख** का मुनाफा दिखाया है, लेकिन ऑडिटर्स ने कर्ज वसूली और इंटरनल कंट्रोल को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
मुनाफे के आंकड़ों के बीच चेतावनियां
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹419.46 लाख की कुल इनकम और ₹390.90 लाख का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के ₹366.67 लाख से अधिक है। कंपनी का प्रति शेयर आय (EPS) ₹5.21 दर्ज किया गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और 'गोइंग कंसर्न' पर संकट
ऑडिटर M/s. Rawat & Associates ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी 2002 से स्टॉक-ब्रोकिंग का कोई काम नहीं कर रही है, इसके बावजूद अकाउंट्स को 'गोइंग कंसर्न' (चालू संस्था) आधार पर तैयार किया जा रहा है, जो ऑडिटर्स के लिए चिंता का विषय है।
बड़े वित्तीय जोखिम (Financial Risks):
- कर्ज वसूली: Classic Credit Limited से ₹67.09 करोड़ की रिकवरी पर संदेह है।
- अनसुलझी देनदारियां: Panther Investrade Limited से ₹3.56 करोड़ की प्राप्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
- पंजाब नेशनल बैंक का कर्ज: साल 2011 से संबंधित ₹46.76 करोड़ के लोन पर ब्याज की अनरिकॉर्डेड लायबिलिटी एक बड़ा जोखिम है।
- गवर्नेंस की कमी: कंपनी में आंतरिक ऑडिट प्रणाली का अभाव है और अभी तक CFO, MD और CEO जैसे महत्वपूर्ण पदों की नियुक्ति बाकी है।
कंपनी फिलहाल मैनेजमेंट स्तर पर इन पुरानी देनदारियों को निपटाने और नई नियुक्तियों की तलाश में जुटी है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में उठाई गई आपत्तियां निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत हैं।
