Triumph International Finance India ने सितंबर तिमाही में **₹1.09 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। लेकिन, कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में 'गोइंग कंसर्न' (going concern) स्थिति और भारी कर्ज वसूली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी
कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए ₹1.09 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दिखाया है, जबकि कुल इनकम ₹1.15 करोड़ रही है। हालांकि, कागजों पर दिख रहा यह मुनाफा कंपनी की असल आर्थिक स्थिति को छुपाने के लिए काफी नहीं है। स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' यानी भविष्य में काम जारी रखने की क्षमता पर गहरा संदेह जताया है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी के लिए परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। SEBI द्वारा स्टॉक ब्रोकर के तौर पर रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने और National Stock Exchange द्वारा 'डिफॉल्टर' घोषित किए जाने के बाद से ही कंपनी की साख पर सवाल हैं।
ऑडिटर्स ने उठाए ये गंभीर मुद्दे:
- वसूली का संकट: Classic Credit Limited से ₹67.02 करोड़ और Panther Investrade Limited से ₹3.56 करोड़ की रिकवरी पर भारी संदेह है। ऑडिटर्स का कहना है कि इसके लिए प्रोविजनिंग की जानी चाहिए थी, जो नहीं की गई है।
- बैंक लोन का चक्कर: पंजाब नेशनल बैंक के ₹46.76 करोड़ के लोन पर 1 अप्रैल 2011 से ब्याज की गणना ही नहीं की गई है, जो अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind AS 109 और 37) का सीधा उल्लंघन है।
- ओनरशिप पर सवाल: डिविडेंड इनकम के तौर पर दिखाए गए ₹3.49 लाख पर भी ऑडिटर्स ने सबूतों के अभाव में आपत्ति दर्ज की है।
फिलहाल, कंपनी की नेट वर्थ नेगेटिव बनी हुई है, जिससे निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
