Transwarranty Finance ने Q2 FY2027 के आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर **₹0.08 करोड़** का मुनाफा कमाया है, जबकि कंसोलिडेटेड स्तर पर **₹0.11 करोड़** का घाटा दर्ज हुआ है। कंपनी ने **₹10 करोड़** तक के NCD जारी करने को भी मंजूरी दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी की स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹2.56 करोड़ रही है। जहां एक ओर स्टैंडअलोन नतीजों में सुधार दिखा है, वहीं कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस अभी भी दबाव में हैं और कंपनी को ₹0.11 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
फंड जुटाने की रणनीति में बदलाव
कंपनी के बोर्ड ने प्रिफरेंशियल शेयर इश्यू की योजना को फिलहाल टाल दिया है। इसके बजाय, अब कंपनी प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹10 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी। ये NCDs सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों तरह के होंगे, जिन पर ब्याज दरें (Coupon Rates) 11.25% से लेकर 15% तक तय की गई हैं।
कॉर्पोरेट बदलाव और रिस्क
कंपनी की बैलेंस शीट में हालिया बदलावों को समझना जरूरी है। 30 मार्च, 2026 से Vertex Securities Limited (VSL) अब कंपनी की सब्सिडियरी न होकर एक एसोसिएट कंपनी बन गई है, क्योंकि कंपनी की हिस्सेदारी घटकर 42.43% रह गई है। साथ ही, इन्वेस्टमेंट अकाउंटिंग पॉलिसी में बदलाव के कारण पुराने आंकड़ों को फिर से रेस्टेट किया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
मौजूदा 15% तक की ऊंची ब्याज दरों वाले NCDs कंपनी के लिए ब्याज का बोझ बढ़ा सकते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी फंड्स का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या वे कंसोलिडेटेड घाटे को मुनाफे में बदलने में कामयाब हो पाती है या नहीं।
