Transwarranty Finance ने अपनी 32वीं AGM की तारीख का ऐलान कर दिया है, जो 30 सितंबर, 2026 को होगी। कंपनी ने FY26 में **₹2.05 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है और अब कर्ज के जरिए पूंजी विस्तार की योजना बना रही है।
घाटे में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में Transwarranty Finance का नेट लॉस ₹2.05 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले FY25 में कंपनी ने ₹0.65 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी की कुल आय भी घटकर ₹8.77 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹12.47 करोड़ थी।
AGM में बड़े फैसलों की तैयारी
बोर्ड ने पूंजी जुटाने के लिए कई बड़े प्रस्ताव रखे हैं:
- पूंजी विस्तार: अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹61 करोड़ से बढ़ाकर ₹65 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
- फंड जुटाना: कंपनी ₹100 करोड़ तक के NCDs (Non-Convertible Debentures) जारी करेगी। इसके अलावा, USD 5 करोड़ (50 million) तक का विदेशी कर्ज (ECB) जुटाने की भी तैयारी है।
- संबंधित सौदे: Vertex Securities Limited के साथ ₹56 करोड़ और Vertex Commodities and Finpro Private Limited के साथ ₹12 करोड़ के बड़े लेन-देन पर भी शेयरधारकों की मुहर लगेगी।
गवर्नेंस और नेतृत्व
कंपनी के मैनेजमेंट में भी बदलाव की तैयारी है। मिस्टर कुमार नायर को फिर से MD और CEO नियुक्त करने का प्रस्ताव है, जिनका कार्यकाल 1 सितंबर, 2026 से शुरू होगा। वहीं, रामचन्द्रन उन्नीकृष्णन को 70 साल की उम्र के बाद भी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर जारी रखने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का मुनाफे से घाटे में आना और साथ ही भारी कर्ज लेने की योजना निवेशकों के लिए चिंता का सबब हो सकती है। मौजूदा नतीजों को देखते हुए, कंपनी की कर्ज चुकाने की क्षमता (Debt servicing ability) पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
