Transwarranty Finance ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹10 करोड़** जुटाने का फैसला किया है। कंपनी अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी, जिसमें **11.25%** से लेकर **15%** तक का कूपन रेट ऑफर किया जाएगा।
फंड जुटाने की तैयारी
बोर्ड मीटिंग में Transwarranty Finance के डायरेक्टर्स ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए अनलिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दे दी है। इस पूरे इश्यू का कुल आकार ₹10 करोड़ है, जिसे कंपनी सिक्योर और अनसिक्योर डेट इंस्ट्रूमेंट्स के बीच आधा-आधा बांटेगी।
NCD्स की मुख्य विशेषताएं
निवेशकों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस इश्यू को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- सिक्योर्ड NCDs (Type A): कुल ₹5 करोड़ का फंड। इसमें 11.25% से 11.75% तक ब्याज मिलेगा। इनका टेन्योर 13 महीने, 3 साल और 5 साल का रखा गया है।
- अनसिक्योर्ड NCDs (Type B): कुल ₹5 करोड़ का फंड। जोखिम अधिक होने के कारण इसमें ब्याज दरें आकर्षक हैं—12% से 15% तक। ये 367 दिन और 18 महीने के लिए जारी किए जाएंगे।
सिक्योरिटी और नियम
सिक्योर्ड डिबेंचर्स कंपनी की मौजूदा संपत्तियों पर 'pari-passu' चार्ज द्वारा समर्थित होंगे, जिससे निवेशकों को सुरक्षा मिलेगी। दूसरी ओर, अनसिक्योर्ड NCDs में किसी तरह का एसेट चार्ज नहीं है, इसीलिए इनका रिटर्न ज्यादा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कंपनी ने फंड जुटाने का यह जरिया लिक्विडिटी मैनेजमेंट के लिए चुना है। चूंकि ये इंस्ट्रूमेंट्स अनलिस्टेड हैं, इसलिए पब्लिक मार्केट ट्रेडिंग पर इनका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, शेयरधारकों को आगामी तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए कि इस कर्ज के बोझ और ब्याज भुगतान का कंपनी की वित्तीय सेहत पर क्या असर पड़ता है।
