Trans India House Impex के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) बेहद निराशाजनक रही। कंपनी का रेवेन्यू घटकर महज **₹1.99 करोड़** रह गया और **₹0.74 करोड़** का भारी नेट लॉस दर्ज हुआ। ऑडिटर ने टैक्स देनदारियों, लिक्विडिटी और वैधानिक बकाए को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
ट्रांस इंडिया हाउस इम्पैक्स की वित्तीय हालत डांवाडोल!
Trans India House Impex Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजों में भारी गिरावट दर्ज की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू घटकर ₹1.99 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹23.59 करोड़ था। कंपनी ने ₹0.12 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹0.18 करोड़ के मुनाफे के बिल्कुल विपरीत है। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू शून्य रहा और नेट लॉस ₹0.74 करोड़ दर्ज किया गया।
ऑडिटर्स की गंभीर चेतावनियाँ
कंपनी के स्टैटुटरी ऑडिटर, M/s मनोज आचार्य & एसोसिएट्स ने, भले ही अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया हो, लेकिन कुछ बेहद गंभीर बातों पर ध्यान दिलाया है। इनमें ₹60.49 करोड़ की एक बड़ी टैक्स देनदारी (Assessment Year 2024-25) शामिल है, जिसके खिलाफ कंपनी ने अपील दायर की है। ऑडिटर ने यह भी पाया कि कंपनी के पास ऑपरेशन से लगातार निगेटिव कैश फ्लो (Negative Cash Flow) आ रहा है, जिसके चलते बैंक ऑफ इंडिया के साथ ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी सहित कई बोरिंग्स पर प्रिंसिपल और इंटरेस्ट की पेमेंट में डिफॉल्ट हुआ है।
इसके अलावा, कंपनी TDS, PF, GST और ESIC जैसे कई वैधानिक बकाए (Statutory Dues) का भुगतान करने में भी अनियमित है, और इनसे जुड़े इंटरेस्ट या पेनल्टी के लिए कोई प्रोविजन नहीं किया गया है। ट्रेड डेटर्स के बैलेंस कन्फर्मेशन में देरी के कारण, उनके रिकवरी और एक्यूरेसी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या?
निवेशक अब मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे, खासकर ₹60.49 करोड़ की टैक्स देनदारी के समाधान और बोरिंग्स पर हुए डिफॉल्ट को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर। वैधानिक गैर-अनुपालन (Statutory Non-compliance) के मुद्दों को ठीक करने की कंपनी की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।
क्या हैं रिस्क?
मुख्य जोखिमों में भारी टैक्स डिमांड, लगातार निगेटिव कैश फ्लो, लोन की किश्तें चुकाने में डिफॉल्ट और ट्रेड रिसीवेबल्स की अनिश्चितता शामिल है।
