Tourism Finance Corporation of India ने छमाही नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹59.62 करोड़** से बढ़कर **₹99.80 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने वंदना सिन्हा को LIC का प्रतिनिधि नियुक्त किया है, साथ ही नेट NPA का आंकड़ा शून्य (Nil) बना हुआ है।
मजबूत छमाही प्रदर्शन (H1 Performance)
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए धमाकेदार आंकड़े पेश किए हैं। ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर ₹161.21 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹130.16 करोड़ था। यदि हम सिर्फ दूसरी तिमाही (Q2) की बात करें, तो रेवेन्यू ₹80.18 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹66.45 करोड़ था।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए कंपनी ने वंदना सिन्हा को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। वे LIC of India का प्रतिनिधित्व करेंगी और यह नियुक्ति 3 नवंबर, 2026 से प्रभावी है।
एसेट क्वालिटी और रिस्क मैनेजमेंट
कंपनी की एसेट क्वालिटी बेहद मजबूत बनी हुई है। नेट NPA अनुपात Nil है, जबकि ग्रॉस NPA का स्तर केवल 0.37% पर सीमित है। हालांकि, कंपनी ने RBI के नॉर्म्स से अधिक सतर्कता बरतते हुए 'एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस' (ECL) प्रोविजनिंग को बढ़ाया है। यह दर्शाता है कि कंपनी मुनाफे के बजाय बैलेंस शीट की मजबूती को प्राथमिकता दे रही है।
ध्यान देने वाली बात
कंपनी के मुनाफे में ₹8.08 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड भी शामिल है जो पहली तिमाही में दर्ज किया गया था। निवेशकों को आने वाले समय में बोर्ड द्वारा इस नई नियुक्ति की औपचारिक मंजूरी और प्रोविजनिंग की रणनीति पर नज़र रखनी चाहिए।
