Tirupati Fincorp ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹5.76 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। RBI के आदेश के बाद कंपनी का रेवेन्यू **77%** गिर गया है और अब यह अपना बिजनेस मॉडल बदलकर ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में कदम रख रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और RBI का डंडा
RBI के 19 जून, 2025 के निर्देश के बाद Tirupati Fincorp को अपनी मुख्य NBFI ऑपरेशंस पूरी तरह बंद करने पड़े। इस रेगुलेटरी एक्शन का सीधा असर कंपनी की कमाई पर दिखा और रेवेन्यू 77.31% गिरकर ₹25.12 करोड़ पर आ गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर में जो लॉस ₹0.82 करोड़ था, वह अब बढ़कर ₹5.76 करोड़ हो गया है।
नई रणनीति: EV सेक्टर में बदलाव
वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी अब अपनी पूरी दिशा बदल रही है। पुराने फाइनेंशियल बिजनेस मॉडल को छोड़कर, कंपनी ने अपनी नई सब्सिडियरी TFL Supereco Automotive Private Limited के जरिए ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग मार्केट में उतरने का फैसला लिया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
कंपनी के साथ कई चुनौतियां जुड़ी हुई हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना निवेशकों के लिए भारी पड़ सकता है:
- ऑडिटर्स का रुख: कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर्स को पिछली आय और लोन राइट-ऑफ के दावों पर पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।
- नेट वर्थ में गिरावट: कंपनी की नेट वर्थ ₹5.86 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹12.50 लाख रह गई है।
- ट्रेडिंग सस्पेंशन: सबसे बड़ी चिंता यह है कि BSE पर कंपनी के शेयर दिसंबर 2015 से सस्पेंड हैं, जिससे निवेशकों के लिए एग्जिट का रास्ता लगभग बंद है।
- अन्य एसेट्स: कंपनी की कुल संपत्ति गिरकर ₹119.83 करोड़ हो गई है। इसके अलावा, Sea Matrix Enterprise Limited के अनलिस्टेड प्रेफरेंस शेयर्स में किए गए ₹15 करोड़ के निवेश पर भी ₹1.5 करोड़ का इंपेयरमेंट देखा गया है।
