The Investment Trust of India के लिए Q2 के नतीजे मायूस करने वाले रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **₹5.61 करोड़** से घटकर महज **₹1.34 करोड़** रह गया है, साथ ही रेवेन्यू में भी भारी गिरावट आई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। ऑपरेशन से आने वाला रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹79.06 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹52.61 करोड़ पर आ गया है। वहीं, स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी को ₹1.29 करोड़ का घाटा झेलना पड़ा है।
बड़े बदलाव और नई लीडरशिप
कंपनी ने नतीजों के साथ ही बड़े संगठनात्मक बदलाव की घोषणा की है। Mr. Rashesh Praful Shah को अगले 5 साल के लिए कंपनी का नया मैनेजर (KMP और SMP) नियुक्त किया गया है, जो 4 नवंबर 2026 से प्रभावी है।
कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Amalgamation)
कंपनी अपने ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करने के लिए अपनी चार पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी - ITI Gilts, ITI Wealth Management, ITI Alternate Funds Management और Fortune Management Advisors के विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। यह रीस्ट्रक्चरिंग 1 अप्रैल 2026 की प्रभावी तिथि से की जानी है, जिसके लिए अभी रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी का इंतजार है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब नई लीडरशिप के तहत कंपनी के प्रदर्शन में सुधार और सब्सिडियरी विलय की प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। मार्केट को कंपनी के टर्नअराउंड प्लान का इंतजार रहेगा।
