The Investment Trust of India ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में **20%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹12.38 करोड़** रहा। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी को अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) बिज़नेस ट्रांसफर करने की योजना भी वापस ले ली है।
The Investment Trust of India ने Q1 FY27 में दर्ज की दमदार ग्रोथ, AIF बिज़नेस ट्रांसफर का फैसला वापस
The Investment Trust of India Ltd. ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए ₹12.38 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में ₹10.21 करोड़ की तुलना में एक महत्वपूर्ण 20% की वृद्धि है।
नतीजों पर एक नज़र
कंपनी ने अपने वित्तीय वर्ष 2027 (30 जून 2026 को समाप्त) की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹59.36 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹70.10 करोड़ से कम है। हालांकि, कुल आय ₹65.28 करोड़ दर्ज की गई। स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹7.73 करोड़ तक बढ़ गया, जो Q1 FY26 में ₹2.70 करोड़ था, और नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹0.20 करोड़ हो गया, जो Q1 FY26 में ₹0.13 करोड़ था।
AIF बिज़नेस ट्रांसफर की योजना वापस
एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम में, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के लिए फंड/एसेट मैनेजमेंट सेवाओं और सलाहकार कार्यों को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, ITI Asset Management Limited को ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा कि पूर्व स्वीकृतियों की अवधि समाप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप ट्रांसफर ऑफ बिज़नेस एग्रीमेंट (ATB) सहित सभी संबंधित समझौते रद्द कर दिए गए हैं।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
कंसोलिडेटेड आधार पर नेट प्रॉफिट में यह वृद्धि कंपनी की बेहतर लाभप्रदता का संकेत देती है। AIF बिज़नेस ट्रांसफर के फैसले को वापस लेने का मतलब है कि फिलहाल ये ऑपरेशंस पेरेंट कंपनी के तहत ही जारी रहेंगे। निवेशक इस बदलाव के कंपनी की भविष्य की रणनीति और वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभाव पर बारीकी से नज़र रखेंगे। इसके साथ ही, कंपनी अपनी अन्य सब्सिडियरीज के साथ मर्जर (Amalgamation) की योजना पर भी काम कर रही है, जो कॉर्पोरेट पुनर्गठन के प्रयासों को दर्शाता है।
आगे क्या?
निवेशकों को चार सब्सिडियरीज के मर्जर योजना की प्रगति और नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए। AIF बिज़नेस या अन्य सेगमेंट के संबंध में कंपनी के किसी भी भविष्य के रणनीतिक फैसलों पर भी अपडेट महत्वपूर्ण होंगे। कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे भी इसके वित्तीय प्रदर्शन और परिचालन दक्षता में अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे।
