Thacker & Company ने कंपनी के अहम बदलावों के लिए शेयरधारकों से वोट मांगे हैं। इसमें नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर की नियुक्ति, मैनेजर की फिर से नियुक्ति और फ्यूचर बाय-बैक के प्रावधान शामिल हैं।
महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर वोटिंग
कंपनी अपने कामकाज में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसमें ₹20 करोड़ के रिवॉल्विंग इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) को लेकर Biodegradable Products India Limited (BPIL) के साथ ट्रांजेक्शन की शर्तों में बदलाव शामिल है। अब इसे बिना सुरक्षा (unsecured) के बजाय जमीन के मॉर्गेज (mortgage) से सुरक्षित किया जाएगा।
क्यों है यह निवेशकों के लिए जरूरी?
BPIL की माली हालत निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। FY 2025-26 में कंपनी को ₹460.26 लाख का नुकसान हुआ है और इसकी नेट वर्थ -₹3,020.52 लाख है। हालांकि लोन को अब मॉर्गेज के साथ सुरक्षित किया जा रहा है, लेकिन BPIL की कमजोर फाइनेंशियल हेल्थ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रमुख बदलाव:
- Managerial Tenure: राजू आर. आधिया को अगले 5 साल के लिए मैनेजर नियुक्त करने का प्रस्ताव है।
- Auditor Change: M/s. P.R. Agarwal & Awasthi के इस्तीफा देने के बाद, M/s. V K Beswal & Associates को नया ऑडिटर बनाने की तैयारी है।
- Buy-Back: भविष्य में शेयर बाय-बैक को आसान बनाने के लिए 'Article 63A' जोड़ने का प्रस्ताव है।
वोटिंग प्रोसेस:
शेयरधारक 23 सितंबर, 2026 से 22 अक्टूबर, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपने मत का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए कट-ऑफ डेट 18 सितंबर, 2026 तय की गई है, और नतीजों की घोषणा 24 अक्टूबर, 2026 को की जाएगी।
