Tatia Global Vennture ने अपनी 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है। यह बैठक 25 अगस्त 2026 को होगी, जिसमें नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति और **₹120 करोड़** तक के बड़े रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPTs) पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
Tatia Global Vennture का बड़ा ऐलान: 25 अगस्त को AGM
Tatia Global Vennture लिमिटेड 25 अगस्त 2026 को अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का आयोजन करेगी। यह मीटिंग सुबह 10:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी ने 19 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक शेयर ट्रांसफर बुक्स बंद रखने का भी ऐलान किया है।
क्या हैं एजेंडा में?
इस AGM में दो नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर मुहर लगेगी। इसमें श्रीमती शोभा नाहर नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनेंगी (31 जुलाई 2026 से प्रभावी) और श्रीमती बालासुब्रमण्यन किरुथिका इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल होंगी (1 अप्रैल 2027 से प्रभावी)।
सबसे अहम बात यह है कि शेयरधारकों से ₹120 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPTs) को मंजूरी देने के लिए कहा जाएगा। ये ट्रांजैक्शंस अगले तीन सालों में उधार लेने (Borrowing) और उधार देने (Lending) से जुड़े होंगे।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये सौदे?
ये RPTs इसलिए अहम हैं क्योंकि इनमें Tatia Global Vennture और मैनेजमेंट से जुड़े एंटिटीज के बीच बड़ी रकम का लेन-देन शामिल है। शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है और संबंधित पार्टियों को वोटिंग से दूर रहना होगा।
प्रस्तावित लिमिट्स में Kreon Finnancial Services (KFSL) के साथ ₹10 करोड़ का उधार लेना और ₹50 करोड़ का उधार देना शामिल है। वहीं, Opti Products (OPPL) और Ashram Online.com (AOL) के साथ क्रमशः ₹50 करोड़ और ₹10 करोड़ का उधार लेना, और ₹10 करोड़ का उधार देना प्रस्तावित है। इसके अलावा, एस.पी. भारत जैन तातिया के साथ ₹10 करोड़ का उधार लेना भी एजेंडा में है।
बैकग्राउंड पर एक नज़र
संबंधित पार्टियों के मिले-जुले वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद कंपनी इन सौदों को आगे बढ़ा रही है। FY2025-26 में KFSL का टर्नओवर ₹43.35 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹7.26 करोड़ रहा। दूसरी ओर, OPPL का टर्नओवर ₹1.76 करोड़ रहा, लेकिन उसे ₹0.05 करोड़ का नेट लॉस हुआ और नेट वर्थ -₹12.68 करोड़ था। AOL का टर्नओवर ₹1.01 करोड़ और नेट लॉस ₹0.01 करोड़ रहा, लेकिन नेट वर्थ ₹11.12 करोड़ था।
आगे क्या?
AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ये वित्तीय सौदे पक्के हो जाएंगे। कंपनी वर्किंग कैपिटल और बिजनेस विस्तार के लिए उधार का इस्तेमाल करने की उम्मीद कर रही है, जबकि उधार देने से ब्याज से आय अर्जित करने का लक्ष्य है। नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति से बोर्ड में बदलाव भी औपचारिक हो जाएंगे।
जोखिमों पर ध्यान दें
निवेशकों को फाइनेंसिंग के लिए रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस पर अत्यधिक निर्भरता से जुड़े संभावित जोखिमों से सावधान रहना चाहिए। कुछ संबंधित पार्टियों, खासकर OPPL की नकारात्मक नेट वर्थ के साथ, वित्तीय सेहत पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। इंटर-कंपनी उधार लेना और देना जटिल वित्तीय निर्भरताएं पैदा कर सकता है।
