टाटा स्टील के शेयरधारकों को ₹4 का डिविडेंड
टाटा स्टील के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹4 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए 12 जून, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। शेयरधारकों से इस प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी 2 जुलाई, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी।
बड़े ट्रांजैक्शंस के लिए भी मांगी मंजूरी
इसके अलावा, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (material related party transactions) के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी चाहेगी। इनमें टाटा कैपिटल लिमिटेड (₹15,060 करोड़ तक), टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया DMCC (₹5,715 करोड़ तक), और टाटा स्टील यूके लिमिटेड व TIWA (₹6,700 करोड़ तक) के साथ होने वाले ट्रांजैक्शंस शामिल हैं।
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि ये सभी ट्रांजैक्शंस आर्म्स लेंथ बेसिस (arm's length basis) पर होंगे और इन्हें इंडिपेंडेंट कंसल्टेंट्स (independent consultants) से वैलिडेट (validate) कराया गया है।
क्यों है यह अहम?
डिविडेंड शेयरधारकों को सीधे रिटर्न देने का एक जरिया है। वहीं, रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस, जो कि बड़े ग्रुप्स के लिए सामान्य हैं, अपने बड़े स्केल की वजह से शेयरधारकों की जांच के दायरे में आते हैं। मैनेजमेंट का आर्म्स लेंथ डीलिंग पर जोर देना निवेशकों को सही बिजनेस प्रैक्टिसेज का भरोसा दिलाने के लिए है।
