Tata Investment Corporation के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी हो गए हैं। कंपनी के स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, जो **₹121.88 करोड़** से गिरकर **₹117.99 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे और रेवेन्यू पर दबाव
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Tata Investment Corporation के परफॉर्मेंस में सुस्ती दिखी है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹148.16 करोड़ के मुकाबले घटकर इस बार ₹146.29 करोड़ रह गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड मोर्चे पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही, जहां रेवेन्यू ₹153.98 करोड़ से गिरकर ₹122.30 करोड़ के स्तर पर आ गया।
EPS में गिरावट
कंपनी के प्रति शेयर आय यानी EPS पर भी असर पड़ा है। स्टैंडअलोन आधार पर बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹2.41 से घटकर ₹2.33 रह गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर EPS में अधिक गिरावट देखी गई, जो ₹2.93 से गिरकर ₹2.29 पर आ गया है।
आगे क्या है रणनीति?
RBI रजिस्टर्ड इस NBFC के लिए फिलहाल पोर्टफोलियो से होने वाली आय में कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशकों को अब कंपनी की एसेट एलोकेशन स्ट्रेटजी और मौजूदा ब्याज दरों के माहौल में पोर्टफोलियो के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी। कंपनी एक प्योर-प्ले इन्वेस्टमेंट फर्म के रूप में काम करती है, इसलिए पूरी तरह से मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है।
