Tata Capital ने Yogakshemam Loans Limited (Yogloans) में **88.6%** हिस्सेदारी लगभग **₹93 करोड़** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील से कंपनी अपने रिटेल लेंडिंग को गोल्ड लोन बिजनेस में विस्तार देगी और एक स्थापित प्लेटफॉर्म हासिल करेगी।
Tata Capital का बड़ा दांव: Yogloans में 88.6% हिस्सेदारी खरीदी, गोल्ड लोन बिजनेस में होगी धमाकेदार एंट्री
Tata Capital गोल्ड लोन बिजनेस में अपनी पैठ मजबूत करने जा रही है। कंपनी ने Yogakshemam Loans Limited (Yogloans) में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। यह एक ऑल-कैश डील है, जिसमें ₹93 करोड़ का प्राइमरी कैपिटल इन्फ्यूजन और शेयर की खरीद शामिल है। इस सौदे में Yogloans का वैल्यूएशन ₹318 करोड़ (प्री-मनी) तक हो सकता है। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2026 तक ₹708 करोड़ का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करना है।
क्यों यह डील अहम है?
यह अधिग्रहण Tata Capital के लिए रिटेल लेंडिंग ऑपरेशंस को डाइवर्सिफाई करने का एक अहम कदम है। इससे कंपनी को गोल्ड लोन जैसे तेजी से बढ़ते और कम टिकट साइज वाले सेगमेंट में तुरंत एंट्री मिल जाएगी। उम्मीद है कि यह कदम Tata Capital की रिटेल फ्रेंचाइजी को और मजबूत करेगा।
Yogloans का बैकग्राउंड
Yogloans एक स्थापित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जिसे 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसके 162 ब्रांच केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में फैले हुए हैं, जो लगभग 32,000 ग्राहकों को सेवा देते हैं। अधिग्रहण के बाद भी मौजूदा मैनेजमेंट टीम, जिसमें मिस्टर उन्नीकृष्णन भी शामिल हैं, कंपनी का नेतृत्व जारी रखेगी ताकि बिजनेस में निरंतरता बनी रहे।
क्या बदलेगा?
डील पूरी होने के बाद, Yogloans, Tata Capital की सब्सिडियरी बन जाएगी। इस इंटीग्रेशन से Yogloans के स्थापित नेटवर्क और ऑपरेशनल एक्सपर्टीज का फायदा Tata Capital के ब्रांड, फाइनेंशियल स्ट्रेंथ और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं के साथ मिलकर गोल्ड लोन सेगमेंट में ग्रोथ को रफ्तार देगा।
इन रिस्क पर रखें नजर
इस डील की सबसे बड़ी शर्त भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मिलने वाली रेगुलेटरी अप्रूवल है। इसके अलावा, Yogloans को Tata Capital के बड़े ढांचे में सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना भी एक चुनौती होगी, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
पीयर कंपेरिजन
भारत में Muthoot Finance और Manappuram Finance जैसी गोल्ड लोन कंपनियां लगातार ग्रोथ दिखा रही हैं। Tata Capital द्वारा अधिग्रहण के जरिए इस सेक्टर में एंट्री करने से उसे ऑर्गेनिक ग्रोथ फेज से गुजरने की बजाय सीधे एक स्थापित ग्राहक आधार और ब्रांच नेटवर्क का लाभ मिलेगा, जिससे वह सीधे तौर पर इन कंपनियों को टक्कर दे सकेगी।
कंपनी के नंबर्स
Yogloans ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में ₹116.22 करोड़ का टर्नओवर रिपोर्ट किया था। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, टारगेट टर्नओवर ₹140.39 करोड़ है, जिसमें ₹14.21 करोड़ का अनुमानित प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) शामिल है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को जल्द से जल्द आवश्यक RBI अप्रूवल मिलने की समय-सीमा पर करीबी नजर रखनी चाहिए। इसके बाद, ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और Tata Capital के नेतृत्व में गोल्ड लोन वर्टिकल का प्रदर्शन भविष्य की सफलता के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
