Tata Capital ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा 51% बढ़कर **₹1,660 करोड़** पहुंच गया है और AUM ने **₹3 लाख करोड़** का बड़ा माइलस्टोन पार कर लिया है।
मुनाफे में बड़ी उछाल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
Tata Capital की शानदार परफॉर्मेंस के पीछे ऑपरेशनल एफिशिएंसी का बड़ा हाथ रहा है। कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 438 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 35.3% पर आ गया है। कंपनी ने एसेट्स में 26% की ग्रोथ हासिल की है, जबकि कर्मचारियों की संख्या में केवल 6% की बढ़ोतरी हुई, जो बेहतर मैनेजमेंट का संकेत है।
डिजिटल डोमिनेंस और लेंडिंग रेट्स
कंपनी का कामकाज अब पूरी तरह डिजिटल हो चुका है, जहां 99% ग्राहक डिजिटल चैनलों के जरिए जुड़े हैं। नेट इंटरेस्ट मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कंपनी ने 1 नवंबर, 2026 से प्राइम लेंडिंग रेट्स में 20-25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
रिस्क और भविष्य की रणनीति
- मोटर फाइनेंस: इस सेगमेंट में कुछ सीजनल गिरावट दिखी है, लेकिन प्रबंधन को Q3 से इसमें स्थिरता और Q4 से रिकवरी की उम्मीद है।
- रेगुलेटरी चुनौतियां: इंश्योरेंस कमीशन और रिवॉल्विंग क्रेडिट प्रोडक्ट्स पर बदल रहे नियमों पर कंपनी की नजर है और इसके लिए वैकल्पिक स्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है।
- कैपिटल रेज: कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 की दूसरी छमाही में फंड जुटाने की योजना की पुष्टि की है।
आने वाले समय में निवेशकों के लिए मोटर फाइनेंस पोर्टफोलियो की रिकवरी और नई ब्याज दरों का मार्जिन पर असर देखना सबसे जरूरी होगा, क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 के लिए 23-25% ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।
