Tata Capital ने **27 अक्टूबर, 2026** को बोर्ड बैठक बुलाई है। इस बैठक में 30 सितंबर को खत्म हुई तिमाही के फाइनेंशियल नतीजों के साथ-साथ विदेशी बॉन्ड्स के जरिए कर्ज सीमा बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
Q2 नतीजों और डेट स्ट्रैटेजी पर नजर\n\nTata Capital ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 27 अक्टूबर, 2026 को एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक के मुख्य एजेंडे में सितंबर तिमाही और छमाही के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देना शामिल है।\n\n### विदेशी मार्केट से फंड जुटाने की तैयारी\n\nकंपनी अपने 'मीडियम टर्म नोट' (MTN) प्रोग्राम की लिमिट को बढ़ाने पर विचार कर रही है। विदेशी मुद्रा बॉन्ड्स के जरिए एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) रूट का इस्तेमाल कर कंपनी ग्लोबल डेट मार्केट से फंड जुटाने की अपनी क्षमता को मजबूत करना चाहती है। यह कदम कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाने में मदद करेगा।\n\n### निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?\n\nविदेशी मुद्रा में भारी कर्ज लेने का मतलब है कि कंपनी को करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव (Currency Volatility) का सामना करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर कंपनी की फंड लागत पर पड़ सकता है, जिस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए।\n\n### आगे क्या होगा?\n\nSEBI के नियमों के तहत 'इनसाइडर ट्रेडिंग' को रोकने के लिए ट्रेडिंग विंडो 23 सितंबर, 2026 से पहले ही बंद हो चुकी है, जो बैठक के दो दिन बाद यानी 29 अक्टूबर, 2026 को खुलेगी। बाजार की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी का कर्ज बढ़ाने का फैसला और Q2 का प्रदर्शन कैसा रहता है।