Tahmar Enterprises Ltd को कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक से ₹24.40 करोड़ की SARFAESI डिमांड नोटिस मिली है। कंपनी इस नोटिस का विरोध कर रही है, क्योंकि उनका मानना है कि बैंक ने MSME पुनरुद्धार नियमों का पालन नहीं किया है।
Tahmar Enterprises को मिली ₹24.40 करोड़ की डिमांड नोटिस
Tahmar Enterprises Ltd ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि उन्हें कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से ₹24.40 करोड़ (₹2440.07 लाख) की डिमांड नोटिस मिली है। यह नोटिस 1 जुलाई, 2026 को जारी की गई थी और कंपनी को 8 जुलाई, 2026 को प्राप्त हुई।
क्यों है यह मामला अहम?
SARFAESI एक्ट के तहत मिली यह नोटिस कंपनी के कर्ज भुगतान को लेकर एक गंभीर स्थिति का संकेत देती है। इससे पता चलता है कि बैंक, कोल्हापुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक, बकाया राशि की वसूली के लिए प्रक्रिया शुरू कर चुका है। निवेशकों के लिए, यह संभावित वित्तीय परेशानी और कानूनी उलझनों का संकेत है।
क्या है मामला?
नोटिस में 17 अक्टूबर, 2024 के एक मॉर्गेज डीड (गिरवी विलेख) का जिक्र है, जो कोल्हापुर के भाडगांव, गडहिंग्लज में स्थित जमीन से संबंधित है। नोटिस में कंपनी को 60 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
कंपनी का क्या कहना है?
Tahmar Enterprises इस डिमांड नोटिस का विरोध कर रही है। कंपनी का प्रबंधन का मानना है कि बैंक ने अकाउंट को नॉन-परफॉर्मिंग (NPA) घोषित करने और यह डिमांड नोटिस जारी करने से पहले माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के पुनरुद्धार और पुनर्वास के लिए लागू नियमों का पालन नहीं किया। कंपनी कानूनी रास्ता अपना रही है।
जोखिम क्या हैं?
अगर बैंक के साथ यह विवाद हल नहीं होता है, तो कंपनी पर आगे कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि SARFAESI एक्ट की धारा 13(4) के तहत अभी तक कोई भी कदम, जैसे कि सुरक्षित संपत्ति का कब्जा लेना, शुरू नहीं किया गया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को कंपनी की भविष्य की घोषणाओं पर करीब से नजर रखनी चाहिए। इसमें कानूनी कार्यवाही, बैंक की प्रतिक्रिया और वसूली की स्थिति में किसी भी बदलाव की जानकारी शामिल होगी। नोटिस को चुनौती देने में कंपनी की सफलता महत्वपूर्ण साबित होगी।
