Tacent Projects Ltd ने ₹15.40 करोड़ जुटाने की घोषणा की है। कंपनी ने FY 2025-26 के लिए **₹1.17 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के नुकसान से एक बड़ा बदलाव है।
Tacent Projects Ltd, जो पहले Rahul Merchandising Limited के नाम से जानी जाती थी, ने अपने वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य के विकास को गति देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी अपनी अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹22 करोड़ करने की योजना बना रही है।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
इस विस्तार के लिए, Tacent Projects ₹10 प्रति शेयर के भाव पर 34,00,000 शेयरों का प्रेफरेंशियल इश्यू लाएगी, जिससे ₹3.40 करोड़ जुटेंगे। इसके साथ ही, कंपनी ₹10 प्रति वारंट के भाव पर 1,15,87,750 फुली कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी, जिससे ₹11.58 करोड़ जुटाए जाएंगे। ये वारंट 18 महीनों के अंदर कन्वर्ट किए जा सकेंगे।
वित्तीय मोर्चे पर वापसी
आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1.17 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज ₹3.70 लाख के नेट लॉस की तुलना में एक बड़ी वापसी है। बेसिक ईपीएस (Earnings Per Share) भी ₹ (0.10) से सुधरकर ₹0.03 हो गया है।
निवेशकों के लिए क्या मायने
यह फंड जुटाने की योजना कंपनी की विकास की मंशा को दर्शाती है। लाभ में वापसी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन ऑडिटर द्वारा 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में चलते रहने की क्षमता पर जताई गई चिंता निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य है।
आगे क्या?
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी 10 सितंबर 2026 को होने वाली 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद इस पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। निवेशकों को एजीएम के नतीजों और फंड जुटाने की प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
