TVS Holdings को NCLT से स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के लिए हरी झंडी मिल गई है। कंपनी अपने इक्विटी शेयरधारकों को 46:1 के अनुपात में 6% क्युमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर जारी करेगी।
NCLT से मिली बड़ी राहत
TVS Holdings को चेन्नई NCLT से 18 अगस्त, 2026 की तारीख का सर्टिफाइड ऑर्डर मिल गया है। यह आदेश कंपनी द्वारा अपने इक्विटी शेयरधारकों को प्रेफरेंस शेयर जारी करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देता है।
निवेशकों को क्या मिलेगा?
कंपनी ने 5 रुपये फेस वैल्यू वाले हर 1 इक्विटी शेयर के बदले 46 प्रेफरेंस शेयर देने का ऐलान किया है। यह कदम कंपनी के सरप्लस रिजर्व को इस्तेमाल करने और निवेशकों को रिवॉर्ड देने की रणनीति का हिस्सा है। ये प्रेफरेंस शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे, जिससे शेयरधारकों को एक लिक्विड और ट्रेडेबल इंस्ट्रूमेंट मिलेगा।
ब्याज और मैच्योरिटी की शर्तें
इन प्रेफरेंस शेयरों पर 6% सालाना कूपन रेट मिलेगा और इनकी मैच्योरिटी अवधि 15 महीने की होगी। कंपनी के बोर्ड के पास यह अधिकार होगा कि वे 12 महीने बाद इनका जल्दी रिडेम्पशन (Early Redemption) कर सकें।
अब आगे क्या?
कंपनी अब इस स्कीम को लागू करने के अगले चरण में है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) का ऐलान होना बाकी है, जिससे यह तय होगा कि किसे ये शेयर मिलेंगे। इसके साथ ही कंपनी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और RBI के पास फाइलिंग पूरी करनी होगी। नॉन-रेसिडेंट निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि FEMA नियमों के तहत इसके लिए कोई अतिरिक्त RBI मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।
