Suvidha Infraestate Corporation Ltd ने अपने नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के तौर पर **हाजेश जे. असनानी** को नियुक्त किया है, जो **24 जुलाई, 2026** से प्रभावी होंगे। वहीं, अभिजीत ए. गोस्वामी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने रहेंगे। कंपनी ने **19 सितंबर, 2026** को अपनी 34वीं सालाना आम बैठक (AGM) भी बुलाई है।
Detailed Coverage
Suvidha Infraestate में नेतृत्व परिवर्तन
Suvidha Infraestate Corporation Ltd ने अपने कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) में महत्वपूर्ण फेरबदल की घोषणा की है। कंपनी ने मिस्टर हाजेश जे. असनानी को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 24 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी।
क्या हुआ है?
- नए CFO की नियुक्ति: हाजेश जे. असनानी अब कंपनी के वित्तीय मामलों की कमान संभालेंगे।
- अभिजीत ए. गोस्वामी का नया रोल: मौजूदा CFO अभिजीत ए. गोस्वामी अपने पद से हटकर अब कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-executive Director) के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।
- डायरेक्टर का इस्तीफा: मिस्टर हेमांग एस. यज्ञेश ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 24 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगा।
34वीं AGM का ऐलान
कंपनी ने अपनी 34वीं सालाना आम बैठक (AGM) की तारीख भी घोषित कर दी है। यह बैठक 19 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों (OAVM) से आयोजित की जाएगी।
शेयरधारकों के लिए ई-वोटिंग (e-voting)
- रिमोट ई-वोटिंग 16 सितंबर, 2026 को सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर 18 सितंबर, 2026 को शाम 5:00 बजे तक चलेगी।
- ई-वोटिंग के लिए पात्रता की कट-ऑफ तारीख 12 सितंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
ऑडिटर की नियुक्ति और समितियों का पुनर्गठन
- सीक्रेटरियल ऑडिटर: M/s. Kashyap R. Mehta & Partners को अगले 5 साल (फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से 2030-31 तक) के लिए सीक्रेटरियल ऑडिटर नियुक्त किया गया है। इसकी मंजूरी AGM में शेयरधारकों से ली जाएगी।
- समितियों का पुनर्गठन: इन बदलावों के बाद, कंपनी ने अपनी ऑडिट कमेटी (Audit Committee), नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी (Nomination & Remuneration Committee) और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी (Stakeholders Relationship Committee) का पुनर्गठन भी किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
CFO का पद छोड़ना और नए की नियुक्ति, साथ ही इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का इस्तीफा, कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस और वित्तीय निगरानी के लिए अहम है। नए CFO की नियुक्ति से वित्तीय प्रबंधन में निरंतरता बनी रहेगी, जबकि स्वतंत्र निदेशक का पद खाली होने से निवेशकों की नजर रहेगी। नई कमेटियों का गठन नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) सुनिश्चित करता है।
