Supreme Infrastructure India Ltd: कंपनी ने लेनदारों के लिए ₹120 करोड़ का सेटलमेंट फंड बनाया

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Supreme Infrastructure India Ltd: कंपनी ने लेनदारों के लिए ₹120 करोड़ का सेटलमेंट फंड बनाया

Supreme Infrastructure India Ltd ने SBI में ₹120 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाकर लेनदारों के साथ सेटलमेंट की तैयारी कर ली है। यह कदम कोर्ट द्वारा स्वीकृत स्कीम के तहत उठाया गया है।

Detailed Coverage

Supreme Infrastructure India Ltd ने ₹120 करोड़ का सेटलमेंट फंड किया तैयार

Supreme Infrastructure India Ltd ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में ₹120 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाकर एक अहम कदम उठाया है। यह फंड कोर्ट द्वारा स्वीकृत 'Scheme of Compromise and Arrangement' के तहत लेनदारों (Lenders) के साथ अपने सेटलमेंट की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए रखा गया है।

मुख्य बातें:

  • ₹120 करोड़ का सेटलमेंट फंड SBI में FD के रूप में तैयार।
  • SBICAP Trustee Company Limited को फंड के वितरण के लिए एस्क्रो एजेंट (Escrow Agent) बनाया गया।
  • कोर्ट ने बाकी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए 17 अगस्त 2026 की तारीख तय की है।

क्या हुआ है?

कंपनी ने स्वीकृत स्कीम के अनुसार लेनदारों को भुगतान करने के लिए SBI के साथ ₹120 करोड़ की FD की है। SBICAP Trustee फंड को लेनदारों तक पहुंचाने का काम देखेगी।

यह क्यों मायने रखता है?

यह कदम Supreme Infrastructure के फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (Financial Restructuring) में एक बड़ा माइलस्टोन है। सेटलमेंट फंड बनाने से कंपनी की अपनी जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता और प्रतिबद्धता जाहिर होती है, जिससे उसके टर्नअराउंड प्लान (Turnaround Plan) की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। कोर्ट की निगरानी और तय समय-सीमा से स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) के लिए अनिश्चितता कम हुई है और कंपनी के वित्तीय संकट से बाहर निकलने की उम्मीद बढ़ी है।

पृष्ठभूमि

Supreme Infrastructure India Ltd, कोर्ट द्वारा स्वीकृत 'Scheme of Compromise and Arrangement' के तहत रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया से गुजर रही है। यह नया डेवलपमेंट इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

आगे क्या होगा?

अब कंपनी को 17 अगस्त 2026 तक सभी आवश्यक बैंकिंग और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। इसके सफल समापन से एक बड़ी वित्तीय देनदारी का समाधान हो जाएगा।

जोखिम

निवेशकों को 17 अगस्त 2026 की समय-सीमा तक सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं समय पर पूरी होने पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी देरी से रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया के अंतिम रूप पर असर पड़ सकता है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को 17 अगस्त 2026 की समय-सीमा तक सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के पूरा होने की पुष्टि करने वाली घोषणाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। यह लेनदारों के सेटलमेंट दायित्वों का सफल समाधान दर्शाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.