Supra Pacific Financial Services ने 17 सितंबर, 2026 को बोर्ड मीटिंग बुलाई है, जिसमें कंपनी **₹50 करोड़** तक का फंड जुटाने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने पर विचार करेगी।
फंड जुटाने की रणनीति
कंपनी ने BSE को दी गई जानकारी में बताया है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 17 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा सिक्योर, अनरेटेड और अनलिस्टेड NCDs के जरिए पूंजी जुटाना है। यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा, जिसके लिए प्रत्येक निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश सीमा ₹1 करोड़ रखी गई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
यह कदम कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी में एक बड़ा बदलाव है। NCD के जरिए कर्ज लेने से कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर पर सीधा असर पड़ेगा। निवेशकों के लिए यह जानना बहुत जरूरी होगा कि इस कर्ज का कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और भविष्य की ब्याज देनदारियों पर क्या असर होगा।
आगे क्या होगा?
17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग के बाद, कंपनी एक्सचेंज को औपचारिक रूप से फैसलों की जानकारी देगी। निवेशकों को विशेष रूप से डिबेंचर्स की ब्याज दरों, रीपेमेंट शेड्यूल और कंपनी की वर्तमान कामकाजी स्थिति पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए।
