Supra Pacific Financial Services Ltd ने अपनी 40वीं AGM सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। शेयरधारकों ने कंपनी की उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹1,500 करोड़** करने और NCDs जारी करने की महत्वपूर्ण योजनाओं पर अपनी सहमति दे दी है।
AGM के नतीजों से मिली मजबूती
कंपनी ने अपनी 40वीं सालाना आम बैठक (AGM) में भविष्य की विस्तार योजनाओं पर मुहर लगा दी है। कंपनी अब अपनी कार्यशील पूंजी और लिक्विडिटी जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार से फंड जुटाने के लिए स्वतंत्र है। बैठक में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों को अपनाने के साथ-साथ डायरेक्टर मनोज के. की पुनः नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है।
क्यों अहम है यह फैसला?
कंपनी ने कंपनी अधिनियम की धारा 180(1)(c) के तहत अपनी बोरिंग लिमिट को ₹1,500 करोड़ तक ले जाने का फैसला किया है। इसके अलावा, प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और अनसेक्योर्ड सबऑर्डिनेटेड डेट्स जारी करने की अनुमति मिली है। यह कदम कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो को मजबूत बनाए रखने और व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
अब मैनेजमेंट के पास फंड जुटाने का ग्रीन सिग्नल है, लेकिन बाजार की स्थितियों के आधार पर ही इन डेट इंस्ट्रूमेंट्स की टाइमिंग तय की जाएगी। निवेशकों को यह ध्यान में रखना होगा कि भविष्य में आने वाले NCDs की लागत और बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव (Leverage) क्या रहेगा। कंपनी के फंड यूटिलाइजेशन से जुड़ी अगली रिपोर्ट पर नजर रखना समझदारी होगी।
आगे की राह
आने वाले समय में BSE पर आने वाले डिस्क्लोजर पर नजर रखें, जिसमें इन डेट इंस्ट्रूमेंट्स के इंटरेस्ट रेट और टाइमलाइन के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
