Sunshine Capital: मुनाफे में भारी उछाल के साथ शेयरों के 'कंसोलिडेशन' का ऐलान, लेकिन ये चेतावनी ज़रूर पढ़ें

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sunshine Capital: मुनाफे में भारी उछाल के साथ शेयरों के 'कंसोलिडेशन' का ऐलान, लेकिन ये चेतावनी ज़रूर पढ़ें

Sunshine Capital ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹29.33 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल महज **₹0.68 करोड़** था। कंपनी ने अपने शेयर स्ट्रक्चर को बदलने के लिए **10:1** के अनुपात में शेयर कंसोलिडेशन का प्रस्ताव रखा है, हालांकि ऑडिट में सामने आई खामियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

मुनाफे में बड़ा टर्नअराउंड

कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर नजर डालें, तो वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हुआ है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए साल में कंपनी ने ₹29.33 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹29.99 करोड़ रहा। पिछले साल कंपनी को ₹0.69 करोड़ का नुकसान हुआ था, जिससे यह रिकवरी काफी प्रभावी दिखती है। इसके साथ ही, मैनेजमेंट ने एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज को आसान बनाने के लिए Re 1 फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों को मिलाकर ₹10 का 1 शेयर बनाने का फैसला किया है।

गवर्नेंस और ऑडिट की चुनौतियां

तेजी के बीच कंपनी के सामने कुछ गंभीर सवाल भी खड़े हुए हैं। ऑडिटर ने एक 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है, जिसमें लोन पर ब्याज के प्रावधानों की कमी और इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में खामियों का जिक्र है। साथ ही, SEBI नियमों के तहत 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' का खुलासा न करने पर कंपनी को BSE की तरफ से जुर्माना भी झेलना पड़ा है।

आगे की राह और मैनेजमेंट में बदलाव

हालाँकि कंपनी ने अनुपालन से जुड़ी कुछ आपत्तियों पर कानूनी राहत भी पाई है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के गवर्नेंस ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। मैनेजमेंट स्तर पर भी बड़े बदलाव हुए हैं और हाल ही में मिस्टर संजय तुलसीदास भानुशाली को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी इंटरनल कंट्रोल से जुड़ी इन खामियों को कैसे दूर करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.