Sundaram Finance अपनी सब्सिडियरी, Sundaram Asset Management Company से Sundaram Alternate Assets Limited (SAAL) में **100%** हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। यह सौदा **₹75 करोड़** तक के नकद भुगतान में पूरा होगा, जिसका मकसद कंपनी के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना है।
इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग पर जोर
Sundaram Finance लिमिटेड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए Sundaram Alternate Assets Limited (SAAL) को पूरी तरह से अपना बनाने की घोषणा की है। यह पूरी प्रक्रिया ₹75 करोड़ के निवेश के साथ पूरी की जाएगी। इस सौदे में करीब 3.9 करोड़ इक्विटी शेयरों का हस्तांतरण शामिल है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कंपनी के इस कदम से SAAL अब एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी से सीधे पैरेंट कंपनी यानी Sundaram Finance के अंडर आ जाएगी। इससे कंपनी के ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर में बीच की परतें कम होंगी और ऑपरेशंस पर बेहतर नियंत्रण मिल सकेगा। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे एसेट मैनेजमेंट और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट बिजनेस की निगरानी करना और भी आसान हो जाएगा।
फाइनेंशियल हेल्थ और लक्ष्य
SAAL के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें, तो कंपनी ने पहली छमाही (30 सितंबर, 2026 तक) में ₹21.08 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, अगर हम FY24 से FY26 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इसका रेवेन्यू ₹108.35 करोड़ से बढ़कर ₹153.41 करोड़ तक पहुंच गया है।
निवेशक क्या ध्यान रखें?
यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, यह सौदा पूरी तरह से SEBI की जरूरी मंजूरियों पर टिका है। निवेशकों को इस पूरे ट्रांजैक्शन की समयसीमा और रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसमें देरी होने की स्थिति में पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
