Sundaram Finance ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1FY27) में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट **21%** बढ़कर **₹997 करोड़** पहुंच गया है, जिसके पीछे **25%** की भारी लोन डिस्बर्समेंट ग्रोथ और सुधरती एसेट क्वालिटी का हाथ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने इस छमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 18% के उछाल के साथ ₹1,888 करोड़ रही, जबकि कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹65,992 करोड़ तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट की बेहतर कार्यक्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो सुधरकर 29.40% हो गया है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी पॉजिटिव खबर कंपनी की एसेट क्वालिटी है। ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स पिछले साल के 2.03% से घटकर अब 1.84% पर आ गए हैं, जो लोन रिकवरी में कंपनी की सख्ती को दर्शाता है।
इंश्योरेंस बिजनेस का पेंच
कंपनी की सब्सिडियरी Royal Sundaram General Insurance का मुनाफा कम होकर ₹54 करोड़ रह गया (पिछले साल इसी अवधि में यह ₹121 करोड़ था)। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद कंपनी को मोटर TP क्लेम के लिए ₹66 करोड़ का वन-टाइम प्रोविजन करना पड़ा है, जिसका असर कंसोलिडेटेड नतीजों पर दिखा।
अन्य सेगमेंट की ग्रोथ
Sundaram Home Finance कंपनी के लिए ग्रोथ का बड़ा इंजन बना हुआ है, जहां डिस्बर्समेंट 21% बढ़कर ₹3,827 करोड़ रहा और मुनाफा ₹175 करोड़ दर्ज किया गया। आगे के लिए मैनेजमेंट सतर्क है और बढ़ती ब्याज दरों (Interest Rate Cycle) के बीच अपने लोन पोर्टफोलियो को बैलेंस रखने पर जोर दे रहा है।
