Sudarshan Pharma Industries के प्रमोटरों, हेमल वी मेहता और सचिन वी मेहता ने थर्ड-पार्टी लोन लेने के लिए अपने **1.33 करोड़** इक्विटी शेयर गिरवी रख दिए हैं। इस कदम से प्रत्येक प्रमोटर की गिरवी रखी गई हिस्सेदारी कुल शेयर कैपिटल के **5.21%** तक पहुंच गई है।
प्रमोटरों का बड़ा कदम और रिस्क
प्रमोटर हेमल वी मेहता और सचिन वी मेहता में से प्रत्येक ने 66.50 लाख शेयर कोलैटरल के रूप में गिरवी रखे हैं। इसके बाद, दोनों प्रमोटरों के पास कुल 1.325 करोड़ शेयर गिरवी हैं, जो कि कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 5.21% है।
क्या है पूरा मामला?
Sudarshan Pharma Industries Ltd ने BSE को दी जानकारी में बताया कि 25 अगस्त 2026 को प्रमोटरों ने Satin Finserv Limited के पक्ष में गिरवी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह लोन कंपनी के अपने ऑपरेशन के लिए नहीं, बल्कि किसी तीसरे पक्ष (Third-party) की जरूरतों को पूरा करने के लिए लिया गया है।
निवेशकों को क्यों होना चाहिए सतर्क?
जब प्रमोटर बाहर की किसी पार्टी के लिए शेयर गिरवी रखते हैं, तो कंपनी के शेयर का रिस्क प्रोफाइल उस तीसरी पार्टी की फाइनेंशियल हेल्थ से जुड़ जाता है। अगर वह पार्टी लोन नहीं चुका पाती है, तो लेंडर के पास शेयर बेचने का अधिकार आ जाता है, जिससे ओपन मार्केट में भारी सेलिंग प्रेशर और स्टॉक प्राइस में गिरावट आ सकती है।
आगे क्या नजर रखें?
निवेशकों को अब यह देखना चाहिए कि क्या भविष्य में प्रमोटर इन शेयरों को छुड़ाते हैं, जो कि लोन सेटलमेंट का संकेत होगा। साथ ही, कंपनी के वॉल्यूम और BSE फाइलिंग पर कड़ी नजर रखें, क्योंकि ऐसी खबरें अक्सर शॉर्ट-टर्म में स्टॉक में उतार-चढ़ाव (Volatility) पैदा करती हैं।
