Sudarshan Pharma Industries के बोर्ड ने प्रमोटर्स हेमंत मेहता और सचिन मेहता को **72 करोड़** तक के वारंट्स जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी में प्रमोटर्स का भरोसा दर्शाता है, लेकिन अंतिम मुहर EGM में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही लगेगी।
बड़े फंड जुटाने की तैयारी
Sudarshan Pharma Industries के बोर्ड ने 29 अक्टूबर, 2026 को हुई मीटिंग में पूंजी जुटाने का एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने प्रमोटर्स हेमंत मेहता और सचिन मेहता को तरजीही आधार (Preferential allotment) पर 72 करोड़ वारंट्स देने का प्रस्ताव पास किया है। प्रत्येक वारंट ₹1 फेस वैल्यू के एक शेयर में बदला जा सकेगा। इसकी कीमत SEBI (ICDR) रेगुलेशंस, 2018 के तहत तय की जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
जब प्रमोटर्स खुद कंपनी में पैसा लगाते हैं, तो इसे अक्सर कारोबार की मजबूती और लंबी अवधि के विजन के प्रति 'वोट ऑफ कॉन्फिडेंस' माना जाता है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि जब ये वारंट्स शेयर में बदलेंगे, तो कंपनी में कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Ownership) और अर्निंग प्रति शेयर (EPS) में कमी (Dilution) आ सकती है।
आगे की प्रक्रिया और रिस्क
अभी यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है। कंपनी को इसके लिए अपनी आगामी एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी लेनी होगी। निवेशकों को अब EGM के नोटिस का इंतजार करना चाहिए, जिसमें कन्वर्जन प्राइस, फंड का इस्तेमाल और टाइमलाइन जैसे अहम खुलासे होंगे। निवेशकों को सलाह है कि वे डाइल्यूशन के रिस्क और कंपनी के फंड डिप्लॉयमेंट प्लान पर बारीकी से नजर रखें।
