CareEdge Ratings ने Steel Authority of India Ltd (SAIL) के लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज के आउटलुक को 'स्टेबल' से बढ़ाकर 'पॉजिटिव' कर दिया है। कंपनी के मुनाफे और परिचालन क्षमता में सुधार के चलते यह फैसला लिया गया है।
क्या है रेटिंग में बदलाव की वजह?
रेटिंग एजेंसी CareEdge ने SAIL के लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज के आउटलुक को 'पॉजिटिव' में बदल दिया है। कंपनी के प्रदर्शन में आए सुधार को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। Q1FY27 में कंपनी का PBILDT प्रति टन ₹9,974 पहुंच गया है, जो Q1FY26 में ₹6,998 था। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्ज को ₹41,740 करोड़ (FY26 के अंत तक) से घटाकर ₹35,788 करोड़ कर लिया है, जिससे गियरिंग रेश्यो अब 0.63x पर बेहतर स्थिति में है।
भविष्य की बड़ी चुनौती: भारी Capex
जहां रेटिंग में सुधार एक अच्छा संकेत है, वहीं कंपनी के सामने आने वाले समय में बड़े निवेश की चुनौती भी है। SAIL FY32 तक अपनी क्रूड स्टील क्षमता को 35 MTPA तक ले जाने का लक्ष्य रखती है, जिसके लिए ₹1 लाख करोड़ से ₹1.2 लाख करोड़ तक का भारी निवेश (Capex) किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
रेटिंग एजेंसी ने कुछ प्रमुख जोखिमों की ओर भी इशारा किया है:
- कर्ज का बोझ: क्षमता विस्तार के लिए होने वाला भारी खर्च कंपनी के कर्ज के आंकड़ों को प्रभावित कर सकता है।
- Contingent Liabilities: मार्च 2026 तक कंपनी की आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) ₹39,723 करोड़ रही हैं।
- बाजार की अस्थिरता: स्टील सेक्टर साइक्लिकल होता है और कोकिंग कोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे मुनाफे पर असर डालता है।
